ऋषिकेश में उद्घाटन से पहले ही दूसरी बार टूटा ‘बजरंग सेतु’ का कांच, गुणवत्ता पर उठे सवाल

Astitva Times Desk
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देहरादून/ऋषिकेश। योग नगरी ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने बहुप्रतीक्षित बजरंग सेतु पर सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। लक्ष्मण झूला के पास बनाए गए इस आधुनिक पुल के कांच पैदल मार्ग में दरार आने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उस हिस्से पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी है। खास बात यह है कि पुल का अभी तक औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, पुल के कांच के एक पैनल में दूसरी बार दरार देखी गई है। शुक्रवार को जैसे ही यह खामी सामने आई, संबंधित हिस्से को तुरंत बंद कर दिया गया। स्थानीय लोग और पर्यटक पहले से इस पुल का उपयोग कर रहे थे, लेकिन अब सुरक्षा के मद्देनजर कांच वाले पैदल मार्ग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा निर्मित इस पुल की कुल लागत लगभग 69 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुल की लंबाई 132 मीटर है। इसकी संरचना में बीच में डामर की सड़क बनाई गई है, जबकि दोनों किनारों पर आकर्षक कांच के पैदल मार्ग तैयार किए गए हैं, ताकि पर्यटक गंगा और आसपास के प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकें।

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लक्ष्मण झूला का विकल्प बनने की थी उम्मीद
लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद गंगा पार करने के लिए वैकल्पिक पुल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बजरंग सेतु को इसी जरूरत को पूरा करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। उद्घाटन से पहले ही कांच में दरार आने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कांच जैसी संवेदनशील संरचना में बार-बार खराबी आना भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरम्मत और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कांच वाले हिस्से को बंद रखा गया है। बजरंग सेतु को ऋषिकेश के लिए एक आधुनिक और महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा था, लेकिन शुरुआती चरण में ही सामने आई खामी ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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