देहरादून। उधम सिंह नगर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत सतर्कता विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्यान विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी पर आम के पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे किच्छा स्थित उद्यान सचल दल केंद्र में तैनात हैं। शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग को जानकारी दी थी कि उसके खेत में लगे 16 आम के पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले अधिकारी द्वारा 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग की टीम ने मामले की जांच की, जिसमें शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इसके बाद टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया।
गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार आरोपी अधिकारी को 12 हजार रुपये की रिश्वत दी, मौके पर मौजूद सतर्कता टीम ने कार्रवाई करते हुए ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सतर्कता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत तुरंत सतर्कता विभाग से करें, ताकि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा सके।
देहरादून। अल्मोड़ा जिले के विकास खंड लमगड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लॉक कार्यालय में तैनात एक अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता को शौचालय निर्माण कार्य के तहत लगभग 3 लाख रुपये का टेंडर स्वीकृत हुआ था। इस टेंडर से जुड़ी एफडीआर (FDR) रिलीज कराने के नाम पर ब्लॉक कार्यालय में तैनात अकाउंटेंट हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट लगातार शिकायतकर्ता से पैसे की मांग कर रहा था। आरोप है कि बिना रिश्वत दिए फाइल आगे बढ़ाने से साफ इनकार किया जा रहा था।
मामले से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सतर्कता टीम ने पूरी योजना के साथ ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी की। योजना के तहत 08 अप्रैल 2026 को सतर्कता टीम ने लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय में ट्रैप ऑपरेशन चलाया। जैसे ही आरोपी अकाउंटेंट हर सिंह बिष्ट ने शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये रिश्वत के रूप में लिए, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी हर सिंह बिष्ट, पुत्र बहादुर सिंह बिष्ट, वर्तमान में ब्लॉक कार्यालय में लेखाकार के पद पर तैनात था और अल्मोड़ा के चीनाखान क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।सतर्कता टीम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की सराहना की है।
देहरादून। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) देहरादून की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी और उसकी महिला सहयोगी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा संख्या 07/2026 के तहत धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत धनवीर सिंह बिष्ट, उप शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला, जनपद देहरादून के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सतर्कता विभाग को प्राप्त शिकायत में बताया गया था कि गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत अध्ययनरत छात्रों की प्रतिपूर्ति से संबंधित बिलों के भुगतान के लिए उप शिक्षा अधिकारी द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद सतर्कता टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की।
बुधवार को सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी धनवीर सिंह बिष्ट पुत्र गिन्दू सिंह तथा उसकी सहयोगी पुष्पांजलि पत्नी पंकज शर्मा को शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुष्पांजलि मूल रूप से लेन नंबर 5, डालनवाला, देहरादून की निवासी है और वर्तमान में स्वामी उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल, गुमानीवाला, ऋषिकेश से जुड़ी हुई बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान सतर्कता टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल सतर्कता विभाग को दें, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी जांच की संभावना जताई जा रही है।














