खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने पहली प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है।


शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित रूप से शुद्धिकरण की कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने इसे जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान और अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा एवं हीनता की भावना से जुड़ा कृत्य बताया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब पूरे मामले की तह तक जाने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। जांच के दौरान घटना से संबंधित वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई वास्तव में कब, कैसे और किन लोगों की मौजूदगी में हुई। इसके साथ ही वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच करेगी कि इस कार्रवाई के पीछे किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी या नहीं।


शिकायत के आरोपों की भी होगी तथ्यात्मक पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए मौके से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और पोस्ट की सत्यता तथा उनके स्रोत की भी जांच की जा सकती है। मामला जातिगत भेदभाव और अनुसूचित जाति से जुड़े आरोपों से संबंधित होने के कारण पुलिस जांच में तथ्यों और साक्ष्यों को विशेष महत्व दे रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रैली के बाद सामने आया था मामला
मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई का मामला सामने आया था। इसके बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई। अब पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मामले ने औपचारिक कानूनी रूप ले लिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि कथित घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, कार्रवाई किस उद्देश्य से की गई और वायरल हो रहे वीडियो एवं सोशल मीडिया सामग्री में कितनी वास्तविकता है। एसपी क्राइम के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।