दुनिया भर के देशों ने रूस से लड़ने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया : यूक्रेन

MS Malik
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एजेंसी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमर जेलेंस्की ने रूस द्वारा उनके देश पर किए गए हमले के बाद दुनिया भर के देशों के नजरिए को लेकर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि रूस से लड़ने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया गया है। एक तरफ जहां जेलेंस्की दुनिया भर के देशों से रूसी हमले के खिलाफ मदद की गुहार लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ यूरोपीय देश और अमेरिका रूस के खिलाफ पाबंदी लगाने की बात कर रहे हैं। किसी भी देश ने अभी तक सैन्य मदद के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम रूस पर और पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाते भारतीय छात्र

बता दें कि गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में सैन्य ऑपरेशन का ऐलान किया था जिसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन पर हमला कर दिया इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने यूक्रेन में चेर्नोबिल में स्थित न्यूक्लियर साइट पर कब्जा कर लिया है। उसके हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा था कि एक लोहे की दीवार खड़ी हो रही है मेरी जिम्मेदारी है कि मेरा देश पश्चिम की तरफ रहे। उन्होंने कहा कि रूसी हमले में अब तक 137 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें सैनिक और आम नागरिक दोनों ही शामिल हैं।

तहखानों में शरण लिए हुए छात्रों का वीडियो

रूसी हमले के बाद पश्चिमी देशों ने उस पर कई प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। रूस के बैंकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका ने रूस के साथ हाईटेक निर्यात पर प्रतिबंध तो लगा दिया है लेकिन अमेरिका या नाटो ने यूक्रेन की मदद के लिए सेना नहीं भेजी है। इस पूरे युद्ध में अभी तक एक लाख लोग अपने घर से बेघर हो चुके हैं। यूनाइटेड नेशन का दावा है कि बॉर्डर पर पोलैंड, हंगरी, मोल्डोवा में विस्थापित परिवार शरण लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

भारत के भी 20 हजार से अधिक छात्र यूक्रेन के कई शहरों में फंसे हुए हैं। जोकि लगातार वीडियो वायरल कर मदद की गुहार लगाते दिख रहे हैं। भारत अपने छात्रों एवं नागरिकों को यूक्रेन से वापस लाने के लिए पड़ोसी देशों की मदद लेने के लिए रणनीति पर काम कर रहा है। यूक्रेन के एयरपोर्ट पर रूस का कब्जा होने के बाद एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। जिस कारण छात्रों को भारत लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है।

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