देहरादून : मोदी सरकार के बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया, कुछ ने सराहा तो कइयों ने बताया निराशाजनक

MS Malik
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देहरादून। वित्तमंत्री डा0 निर्मला सीता रमण ने आज आम बजट पेश किया। राजधनी देहरादून में हर वर्ग के लोगों में बजट को लेकर खासा उत्साह देखा गया। इस साल देश के आठ राज्यों में चुनाव है और अगले साल लोक सभा के चुनाव है जिसकी छाया इस बजट में साफ तौर पर दिखी। जिसको लेकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता परवीन पुरोहित ने कहा कि इस बजट में आम जनता व गरीबों सहित मध्यमवर्ग को कोई रियायत नहीं दी है जिससे लोगों में निराशा का भाव है। उन्होंने कहाकि बजट में लग्जरी वस्तुओं में रियायत दी है जबकि रोजमर्रा की वस्तुओं पर बजट में कोई प्रावधान नहीं है। जिसमें राशन, गैस, तेल, सहित रोज काम आने वाली वस्तुओं है उसमें कोई रियायत नहीं दी गई है। जबकि उम्मीद थी कि चुनावी वर्ष होने के चलते बजट में गरीबों व मध्यम वर्ग को लुभाने वाला बजट होगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।

वहीं वरिष्ठ भाजपा मंडी समिति देहरादून के पूर्व अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह बजट लोक लुभावन बजट है जिसमें कई रियायतें दी गई है। वहीं आयकर में 7लाख आय पर कोई कर नहीं देना होगा। इसके साथ ही बागवानी, प्रधानमंत्री आवास योजना, गोवर्धन योजना, गरीबों को निःशुल्क राशन, महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यटन, हरित विकास, आत्मनिर्भर बागवानी, कूषि ऋण, युवा शक्ति वरिष्ठ नागरिकों, व्यक्तिगत आयकर में कई छूट दी गई है। जिसका लाभ देश के हर वर्ग को मिलेगा। यह जनता का बजट है व उनकी सुविधाओं को देखते हुए बनाया गया है।

कांग्रेस पार्षद रमेश कुमार मंगू ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि बजट में लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाकर आम जनता को राहत देनी चाहिए थी लेकिन जनविरोधी इस सरकार ने इस मामले में भी निराश किया है।

वरिष्ठ समाजसेवी एवं डांडा खुदानेवाल के पूर्व प्रधान मनुज गोदियाल ने कहा कि चुनावी वर्ष होने के चलते यह लोक लुभावन बजट है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इनकम टैक्स स्लेब में छूट दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों में छूट दी गई है। जिससे उसके दामों में कमी आयेगी, लेकिन पर्यटन को बढावा देने के लिए इसमें कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिससे निराशा हुई है। वहीं कई चीजों में छूट नहीं दी गई न ही जीएसटी में कोई छूट दी गई। बजट में पर्यटन को बढ़ावा नही देने के कारण उत्तराखंड के लिए यह बजट निराशा जनक है क्यों कि यह पर्यटन प्रदेश है।

होटल कारोबारी हरिप्रसाद भट्ट ने कहा कि होटल उद्योग के लिए कुछ घोषणायें हुई है जिसमें प्रत्यक्ष न होकर परोक्ष रूप से थोड़ा बहुत लाभ मिल सकता है। वहीं “देखो अपना देश योजना” का लाभ पर्यटन को मिल सकता है। लेकिन जीएसटी में कोई छूट नहीं दी गई लेकिन सरचार्ज में कुछ छुट दी गई है जो 37 प्रतिशत से 25 प्रतिशत किया गया है उसके अलावा बजट से बहुत उम्मीदें थी लेकिन इसमें देखने को नहीं मिली। बजट में पीपी मोड को प्रोत्साहित करने की बात की गई है। सर्विस सेक्टर को कोई रियायत नहीं दी गई है।

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