धामी कैबिनेट बैठक समाप्त: कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

5

 

विकास से लेकर स्वास्थ्य और परिवहन तक अहम बदलावों को हरी झंडी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, परिवहन, सहकारिता, शहरी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। बैठक के फैसलों में जहां आम लोगों को राहत देने वाले कदम शामिल हैं, वहीं स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में संस्थागत बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा, राज्य सहकारिता नीति-2026 मंजूर
कैबिनेट ने राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देकर सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई नीति के माध्यम से सहकारी संस्थाओं की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने और राज्य में सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का रास्ता साफ होगा।
वाहनों को लेकर अहम फैसला, CNG को राहत
मोटरयान कराधान से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी है। इसके तहत CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने का फैसला किया गया है। वहीं हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही राज्य में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने का निर्णय भी लिया गया। इससे उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने, प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की सरकार की नीति को गति मिलने की उम्मीद है।


स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा संस्थागत फैसला, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन बनेगा
कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी है। यह संस्था अस्पतालों के लिए दवाइयों, सर्जिकल सामग्री और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामान की खरीद व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता को बेहतर बनाना तथा खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए जमीन
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की स्थापना के लिए एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है। यह फैसला राज्य में रोगों की निगरानी, नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूरी
कैबिनेट ने ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके साथ स्टांप ड्यूटी में छूट का निर्णय लिया गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लोकायुक्त व्यवस्था से जुड़ा अहम निर्णय
सरकार ने लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन फैसलों का सीधा संबंध प्रशासनिक व्यवस्था और अभिलेखीय प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने से है।
कर्मचारियों के समायोजन को मिली हरी झंडी
उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अन्य विभागों में समायोजन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई है। इससे संबंधित कर्मचारियों के भविष्य और सेवा व्यवस्था से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।


मलिन बस्ती के लोगों को बड़ी राहत
देहरादून में रिस्पना नदी किनारे काठबंगला क्षेत्र में 116 आवासों से जुड़ा फैसला भी महत्वपूर्ण है। यहां मलिन बस्ती के लोगों से आवास के लिए ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब राज्य सरकार वहन करेगी। इससे संबंधित परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है और आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था पर जोर
कैबिनेट ने शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच साफ पानी और बेहतर सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह निर्णय शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

17 फैसलों से सरकार ने विकास का रोडमैप किया स्पष्ट
कैबिनेट के फैसलों पर नजर डालें तो सरकार ने एक साथ कई क्षेत्रों को साधने की कोशिश की है। सहकारिता नीति से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन नीति, स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन, हरिद्वार में NCDC के लिए भूमि, ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट, शहरी पेयजल-सीवरेज और मलिन बस्ती के परिवारों को आर्थिक राहत—इन फैसलों में विकास के साथ जनसुविधा और संस्थागत सुधार पर जोर दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए ये निर्णय आने वाले समय में उत्तराखंड की प्रशासनिक और विकासात्मक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। सरकार के सामने अब इन फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारने की चुनौती होगी।
कुल मिलाकर, 17 फैसलों के जरिए धामी सरकार ने स्वास्थ्य, परिवहन, सहकारिता, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधार के मोर्चे पर एक साथ बड़ा संदेश दिया है।