पांचवें दिन भी महिलाओं का शराब के ठेके के विरोध में धरना, कांग्रेस का मिला समर्थन

Astitva Times Desk
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देहरादून। राजधानी देहरादून के कैनाल रोड, जाखन स्थित वैली एनक्लेव में प्रस्तावित शराब ठेके को लेकर जनआक्रोश अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। घनी आबादी के बीच ठेका खोले जाने के खिलाफ क्षेत्रवासियों का धरना पांचवें दिन और अधिक तीव्रता के साथ जारी रहा। खास बात यह रही कि आज के प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी बेहद सशक्त और निर्णायक नजर आई—नारे, विरोध और चेतावनी, सब कुछ पहले से ज्यादा मुखर।

स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यह केवल एक ठेके का विरोध नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक ताने-बाने और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रिहायशी क्षेत्र के बीच इस तरह ठेका खोलना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा भी है।

धरने में आज कांग्रेस पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, श्रीमती आशा शर्मा डोबरियाल, श्रीमती उर्मिला ढोंडियाल, श्रीमती सोनिया आनंद रावत और पार्षद डॉ. अरविंद चौधरी की मौजूदगी ने आंदोलन को और मजबूती दी। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में प्रशासन के इस फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” और “जनविरोधी” बताया।

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि एक ओर उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक पहचान के साथ चारधाम यात्रा के कपाट खुलने का स्वागत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गली-गली में शराब के ठेके खोलकर सामाजिक वातावरण को दूषित किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा—“जब तक यह ठेका हटाया नहीं जाता, हमारा यह शांतिपूर्ण लेकिन अडिग आंदोलन जारी रहेगा।”

धरने में राजलक्ष्मी काला, रेनू नवानी, बीना रौतेला, संपति गोसाईं, ममता, रश्मि धामी, फरिया अख्तर और रुखसाना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।

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