देहरादून। राजधानी देहरादून में जीएसटी बकाया वसूली की कार्रवाई के दौरान धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि बिल्डर ने प्रशासन को गुमराह करते हुए पहले ही बेच दिए जाने और बैंक में बंधक फ्लैटों को कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया में शामिल करवा दिया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कैनाल रोड स्थित मैसर्स क्वींसटन रियलिटी प्रोजेक्ट्स एलएलपी पर जीएसटी का बकाया चल रहा था। बकाया राशि जमा न करने पर तहसीलदार सदर द्वारा 5 जनवरी को बिल्डर के दो फ्लैट—नंबर 303 और 403—कुर्क कर दिए गए। इसके बाद नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ की गई और इसकी सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई गई। नीलामी की समस्त औपचारिकताएं फर्म के प्रतिनिधि की उपस्थिति में पूरी की गईं। उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में नीलामी छोड़ी गई और प्रमाणपत्र भी विधिवत संपादित एवं पंजीकृत कराए गए।
पहले ही हो चुका था फ्लैटों का विक्रय
नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रशासन को जानकारी मिली कि संबंधित दोनों फ्लैट 27 मई 2022 को ही पूजा संजय मिश्रा के नाम विक्रय किए जा चुके थे। इतना ही नहीं, ये फ्लैट बैंक में बंधक भी बताए गए हैं। जांच में सामने आया कि बिल्डर ने इस तथ्य को तहसीलदार और नीलाम अधिकारी से छिपाया। प्रशासन का आरोप है कि यह कृत्य सुनियोजित धोखाधड़ी है, जिसके माध्यम से सरकारी कार्रवाई को प्रभावित किया गया।


आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
जिला प्रशासन की तहरीर पर राजपुर थाना पुलिस ने बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें कर्मवीर सिंह (निवासी वेस्ट मुंबई), आशीष राजेंद्र गर्ग (बांद्रा वेस्ट, मुंबई), राज पुरोहित विक्रम सिंह (पटेल सोसाइटी, गुजरात) तथा स्थानीय प्रतिनिधि अजय (कैनाल रोड, देहरादून) शामिल हैं।
प्रशासन का सख्त रुख
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि राजस्व और कर वसूली से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस प्रकरण से न केवल प्रशासनिक सतर्कता का मुद्दा जुड़ा है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और कर अनुपालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।










