नितिन नवीन की नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री और 16 राष्ट्रीय मंत्री; उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत, अनिल बलूनी, महेंद्र पांडे और आलोक भट्ट को मिली जिम्मेदारी
नई दिल्ली/देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और नए चेहरों के संतुलन पर जोर दिखाई देता है। पार्टी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री और 16 राष्ट्रीय मंत्री नियुक्त किए हैं। इसके अलावा संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों और मोर्चों में भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इस पूरी कवायद में उत्तराखंड को खास तवज्जो मिली है।प्रदेश से चार नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक, महेंद्र पांडे को केंद्रीय कार्यालय मंत्री तथा आलोक भट्ट को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।
उत्तराखंड के चार चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
तीरथ सिंह रावत — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष:
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने उनके संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक कद को राष्ट्रीय स्तर पर फिर से बड़ी भूमिका दी है। वे नई टीम के 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में शामिल हैं।
अनिल बलूनी — राष्ट्रीय मीडिया संयोजक:
गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी संगठन और मीडिया प्रबंधन में उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बलूनी पहले भी भाजपा के मीडिया संगठन में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
महेंद्र पांडे — केंद्रीय कार्यालय मंत्री:
उत्तराखंड से महेंद्र पांडे को केंद्रीय कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय संगठन के संचालन में केंद्रीय कार्यालय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में यह नियुक्ति प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के तौर पर देखी जा रही है।
आलोक भट्ट — सोशल मीडिया सह-संयोजक:
भाजपा ने डिजिटल और सोशल मीडिया संगठन में भी उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व दिया है। आलोक भट्ट को सोशल मीडिया का सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी की डिजिटल रणनीति को देखते हुए यह जिम्मेदारी खास महत्व रखती है।
नवीन की टीम में बड़े नाम
नई राष्ट्रीय टीम में कई चर्चित और अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। वसुंधरा राजे सिंधिया और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय सह महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। बी.एल. संतोष राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के पद पर बने रहेंगे और पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोषी, भारती प्रवीन पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराज, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर को जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को जिम्मेदारी दी गई है। बी.एल. संतोष राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।भाजपा की नई टीम में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी गई है। महिलाओं और युवा नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की बात सामने आई है। पार्टी की यह नई संरचना आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई टीम में संगठन महामंत्री, कोषाध्यक्ष, केंद्रीय कार्यालय और मीडिया जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी और महेंद्र पांडे को केंद्रीय कार्यालय मंत्री बनाया गया है। वहीं सोशल मीडिया संगठन में भी नेतृत्व परिवर्तन करते हुए दीपक महस्के को नया संयोजक बनाया गया है।
उत्तराखंड के लिए राजनीतिक संदेश
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को जगह मिलना प्रदेश संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक जैसी जिम्मेदारियां प्रदेश के दो प्रमुख चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी भूमिका देती हैं। वहीं केंद्रीय कार्यालय और सोशल मीडिया जैसे संगठन के अहम हिस्सों में महेंद्र पांडे और आलोक भट्ट की नियुक्ति उत्तराखंड की मौजूदगी को और व्यापक बनाती है। भाजपा की नई टीम को ऐसे समय में आकार दिया गया है जब पार्टी आने वाले चुनावी दौर के लिए संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत करने की तैयारी में है। नई जिम्मेदारियों के जरिए पार्टी ने एक तरफ अनुभवी नेताओं पर भरोसा कायम रखा है, तो दूसरी तरफ संगठन के अलग-अलग क्षेत्रों में नए चेहरों को आगे बढ़ाने का संकेत भी दिया है।














