मंच पर अभद्र भाषा: हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के खिलाफ FIR, छात्र संगठनों और नेताओं का विरोध तेज

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देहरादून। राजधानी देहरादून में DAV कॉलेज में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच से कथित अश्लील और अभद्र भाषा के प्रयोग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मासूम शर्मा के खिलाफ थाना डालनवाला में मुकदमा दर्ज होने के बाद विभिन्न थानों में भी शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया है। छात्र संगठनों, राजनीतिक नेताओं और आम लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

11 अप्रैल 2026 को डीएवी (पीजी) कॉलेज परिसर में एक सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और स्थानीय नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रस्तुति दे रहे हरियाणवी लोक गायक मासूम शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान बार-बार अभद्र, अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। कई बार उन्हें मंच से संयमित भाषा का प्रयोग करने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी भाषा में कोई सुधार नहीं किया, जिससे माहौल असहज हो गया।

इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में छात्र संगठन सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी पीजी कॉलेज) के प्रतिनिधि प्रांजल नौनी द्वारा थाना डालनवाला में लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में कहा गया कि गायक की भाषा से न केवल छात्रों बल्कि कार्यक्रम में मौजूद आम जनता की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मासूम शर्मा के खिलाफ मुकदमा संख्या 63/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक अशांति), 352 (आक्रमण), 79 और 351(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है।

एडवोकेट संदीप चमोली ने भी तहरीर देकर की मासूम शर्मा के कार्रवाई की मांग

इस विवाद में सामाजिक राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता संदीप चमोली ने भी थाना डालनवाला में तहरीर देकर गायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा समाज के मूल्यों के खिलाफ है और इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना को लेकर देहरादून के अन्य थानों में भी अलग-अलग संगठनों और व्यक्तियों द्वारा शिकायतें दी जा रही हैं। इससे स्पष्ट है कि मामला अब केवल एक थाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक जनआक्रोश का रूप ले चुका है।

थाना डालनवाला पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला देहरादून में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाषा की मर्यादा को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में और बड़े घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।