चारधाम में पूजा शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

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देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना के शुल्क में की गई वृद्धि तथा केदारनाथ धाम में सोना और धर्म दंड चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने किया।

 

सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन में कहा कि बद्रीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ मंदिर एवं केदारनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के शुल्क में की गई वृद्धि से श्रद्धालुओं में व्यापक असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का प्रतीक है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिस्थितियों में यात्रा कर भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेष पूजा शुल्क में अत्यधिक वृद्धि करना श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पूजा- अर्चना की व्यवस्था आम श्रद्धालुओं की पहुंच में रहनी चाहिए। अत्यधिक शुल्क निर्धारण से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालु विशेष पूजा से वंचित हो सकते हैं, जो सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने मंदिर समिति से विशेष पूजा शुल्क वृद्धि के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने श्री केदारनाथ धाम में धर्म दंड चोरी के मामले को भी गंभीर बताते हुए कहा कि हाल ही में केदारनाथ धाम से धर्म दंड चोरी होने का मामला सामने आया है। इससे पहले भी केदारनाथ मंदिर में सोना चोरी होने की घटना सामने आ चुकी है, लेकिन इन दोनों मामलों को लेकर मंदिर समिति की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने इन घटनाओं को सनातन धर्म की आस्था पर बड़ा आघात बताते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।

ज्ञापन में कांग्रेसजनों ने मांग की कि विशेष पूजा शुल्क वृद्धि के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और शुल्क निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय जनता, तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर सहमति के आधार पर निर्णय लिया जाए। इसके अलावा केदारनाथ मंदिर समिति में सोना चोरी और धर्म दंड चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार को इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास बना रहे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेश कुमार, सुन्दर सिंह पुडीर, संजय शर्मा एडवोकेट, राहुल प्रताप लक्की सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।