उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल: 11 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले, कई जिलों में नई तैनाती

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देहरादून। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस उपाधीक्षकों (सीओ/डीएसपी) के तबादले किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जारी आदेश संख्या डीजी-एक-104-2026(2) के तहत 11 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है।

जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को उनकी वर्तमान तैनाती से हटाकर विभिन्न जिलों एवं इकाइयों में नियुक्त किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए हैं।

इन अधिकारियों का हुआ तबादला
तपेश कुमार चन्द को 31वीं पीएसी रुद्रपुर से पौड़ी गढ़वाल भेजा गया है।
नीरज सेमवाल को देहरादून से उधमसिंहनगर स्थानांतरित किया गया है।
सुमित पाण्डे को नैनीताल से हरिद्वार तैनात किया गया है।
अस्मिता मंगाई को पीटीसी नरेंद्रनगर से पौड़ी गढ़वाल भेजा गया है।
आशिन जोशी को सीआईडी सेक्टर देहरादून से हरिद्वार में नई जिम्मेदारी दी गई है।
विमल प्रसाद को चम्पावत से नैनीताल भेजा गया है।
विमल रावत को उधमसिंहनगर से 31वीं पीएसी रुद्रपुर स्थानांतरित किया गया है।
नताशा सिंह को हरिद्वार से सीआईडी सेक्टर देहरादून भेजा गया है।
निहारिका सेमवाल को पौड़ी गढ़वाल से चम्पावत तैनात किया गया है।
तुषार बोहरा को पौड़ी गढ़वाल से देहरादून स्थानांतरित किया गया है।
अखलेश कुमार को पीटीसी नरेंद्रनगर से उधमसिंहनगर भेजा गया है।


प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा फैसला
पुलिस विभाग के इस फेरबदल को प्रशासनिक मजबूती और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कई संवेदनशील जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती से पुलिसिंग व्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए हैं।

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के केहरी गांव और आसपास लंबा जाम लगा हुआ था। सूचना पर पुलिस को तत्काल मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि केहरी गांव स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के आसपास बड़ी संख्या में वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े थे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो रहा था।

पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाना शुरू किया और यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए। इसी दौरान संस्थान के बाहर मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी खड़े थे, जिससे स्थिति और बिगड़ रही थी। पुलिस ने सभी को वहां से हटने के निर्देश दिए। अधिकांश छात्र-छात्राओं ने पुलिस की बात मानते हुए स्थान खाली कर दिया, लेकिन कुछ युवकों ने पुलिस से बहस शुरू कर दी और कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद हालात काबू में आए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया। वीडियो के संज्ञान में आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।