देहरादून। राजधानी देहरादून के डोईवाला क्षेत्र से फर्जी दस्तावेजों के जरिए जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में राजस्व विभाग की शिकायत पर दो सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।आरोप है कि फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर एक युवक ने मेडिकल कॉलेज में MBBS में दाखिला तक हासिल कर लिया था। मामला उजागर होते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, डोईवाला निवासी अभिनव शर्मा और हर्षित शर्मा पर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अनुसूचित जाति तथा निवास प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। मामले की शिकायत राजस्व उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र द्वारा डोईवाला कोतवाली में दर्ज कराई गई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों भाइयों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी प्रमाण पत्र हासिल किए। प्रारंभिक जांच में दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने के बाद राजस्व विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों की सत्यता, प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया और इसमें संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल कर रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अभिनव शर्मा ने कथित तौर पर इन्हीं फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर Shri Guru Ram Rai Institute of Medical & Health Sciences में MBBS कोर्स में प्रवेश लिया था। मामला सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन ने उसका दाखिला तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
इस घटना ने सरकारी प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की तह तक जाने में जुटी है। माना जा रहा है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।












