भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार, सरकार को चेतावनी देना पड़ा भारी

Astitva Times Desk
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देहरादून। प्रदेश के रुद्रपुर में बारावफात/ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान देने के मामले में पुलिस ने रामपुर के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है। मामला त्रिशूल चौक पर आयोजित सभा में दिए गए भाषण से जुड़ा है। भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू की थी।

मामला 26 अगस्त को रुद्रपुर में निकाले गए बारावफात जुलूस से जुड़ा है। जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर एक सभा आयोजित की गई थी। इसी सभा में मुफ्ती मुजीब ने कथित तौर पर मदरसों को बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार को चेतावनी दी थी। भाषण का वीडियो अगले दिन सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में मदरसों को बंद करने संबंधी किसी भी निर्णय का विरोध करते हुए कथित तौर पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। वीडियो में ईदगाह की जमीन वापस करने की मांग से जुड़ी बातें भी सामने आईं। पुलिस ने वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। वायरल वीडियो की जांच के बाद रुद्रपुर पुलिस ने मुफ्ती मुजीब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के अनुसार मामले में समूहों के बीच शत्रुता या द्वेष को बढ़ावा देने तथा सार्वजनिक शांति प्रभावित करने वाले कृत्यों से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

एसएसपी अजय गणपति के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि वीडियो की जांच के बाद मुफ्ती मुजीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने केवल आरोपी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। जुलूस की प्रबंधक कमेटी और अन्य संबंधित लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सभा का आयोजन किस तरह हुआ, मंच पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और भाषण के दौरान वास्तव में क्या कहा गया। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराए जाने की बात भी सामने आई है।

हिरासत से गिरफ्तारी तक पहुंची कार्रवाई
शुरुआत में पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने भी जताई कड़ी नाराजगी
मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी को भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देने या धमकी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कथित बयान को लेकर कहा कि सरकार धमकियों से डरने वाली नहीं है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, सभा में मौजूद लोगों और आयोजकों की भूमिका की जांच कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि मामले की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएं और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को फैलने से रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

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