हिमाचल पुलिस की रुद्रपुर में दबिश, CCTV फुटेज से खुला चेकिंग टीम का राज; बरामद चोरी के सामान का हिस्सा गायब करने का आरोप, दो आबकारी कर्मी निलंबित
देहरादून। हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई लाखों रुपये की चोरी की जांच ने प्रदेश के रुद्रपुर में उस समय नया मोड़ ले लिया, जब हिमाचल पुलिस ने चोरी के माल की बरामदगी और उससे जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल करते हुए रुद्रपुर पहुंचकर CCTV फुटेज खंगाली। जांच के दौरान उत्तराखंड आबकारी विभाग की चेकिंग टीम के कुछ सदस्यों की भूमिका सामने आने के बाद हिमाचल पुलिस ने आबकारी विभाग के उप आबकारी निरीक्षक, कांस्टेबल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम शामिल हैं। आरोप है कि चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों /कर्मचारियों के हाथ चोरी का सामान लगा था, लेकिन बरामद माल का पूरा हिस्सा पुलिस के सुपुर्द करने के बजाय उसमें से कुछ सामान अपने पास रख लिया गया और संबंधित आरोपियों को छोड़ दिया गया।
शिमला में चोरी की घटना के बाद हिमाचल पुलिस लगातार चोरी के माल और उससे जुड़े लोगों की तलाश में जुटी थी। जांच की कड़ियां उत्तराखंड के रुद्रपुर तक पहुंचने के बाद हिमाचल पुलिस ने यहां पहुंचकर विभिन्न स्थानों के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य जांच के आधार पर उस चेकिंग टीम तक पहुंच बनाई गई, जिसने कथित तौर पर चोरी के माल को बरामद किया था। जांच आगे बढ़ने पर आबकारी विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, शिमला में चोरी करने वाले आरोपियों से कुछ सामान बरामद हुआ था। आरोप है कि चेकिंग टीम ने इस सामान को अपने कब्जे में लिया, लेकिन बरामद माल का पूरा विवरण दर्ज कर उसे पुलिस को सौंपने के बजाय उसका कुछ हिस्सा कथित रूप से अपने पास रख लिया।
मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि जांच के दौरान चोरी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा बरामद किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार करीब 80 प्रतिशत चोरी की संपत्ति बरामद की जा चुकी है।
दरोगा और कांस्टेबल निलंबित
मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड आबकारी विभाग में भी कार्रवाई हुई है। उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार और कांस्टेबल बलजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उपनल कर्मचारी और पीआरडी जवान के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इन दोनों की सेवा/नियुक्ति से संबंधित कार्रवाई की स्थिति को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं।फिलहाल हिमाचल पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए चारों लोगों पर चोरी के बरामद माल को कथित तौर पर अपने पास रखने और मामले से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
शिमला की चोरी से शुरू हुई जांच का रुद्रपुर पहुंचना और एक सरकारी चेकिंग टीम के सदस्यों की गिरफ्तारी ने उत्तराखंड के आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। CCTV फुटेज, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी का कितना माल बरामद हुआ, कितना गायब हुआ और कथित तौर पर उसकी बंदरबांट में कौन-कौन शामिल था। फिलहाल मामले में चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और दो आबकारीकर्मियों के निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई तेज हो गई है।












