DAV छात्रसंघ चुनाव में NSUI प्रत्याशी सौरभ को हराने के लिए प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप, पुतला फूंका

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देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के परिणाम के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। एनएसयूआई अध्यक्ष पद प्रत्याशी सौरभ सेमवाल को कथित तौर पर हराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और पुलिस का पुतला फूंककर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव में प्रशासन और पुलिस की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एनएसयूआई प्रत्याशी सौरभ सेमवाल को चुनावी नुकसान पहुंचाने के लिए कथित तौर पर सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों का मंच है। यदि इसी मंच पर प्रशासनिक हस्तक्षेप और कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल किसी एक प्रत्याशी का मामला नहीं रह जाता, बल्कि छात्र राजनीति की लोकतांत्रिक विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल बन जाता है।

प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब छात्र अपने प्रतिनिधि का चुनाव मतदान के जरिए करते हैं, तो चुनावी प्रक्रिया में किसी भी बाहरी दबाव या प्रशासनिक हस्तक्षेप की गुंजाइश क्यों होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी प्रत्याशी को हराने या जिताने के लिए सरकारी तंत्र के कथित इस्तेमाल का आरोप बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि चुनाव के दौरान सामने आई सभी शिकायतों, कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। उनका कहना था कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक सीमित नहीं है। कॉलेज परिसरों में होने वाले छात्रसंघ चुनाव भी युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में इन चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर कोई भी सवाल छात्रों के बीच अविश्वास पैदा कर सकता है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली और प्रशासनिक हस्तक्षेप के आरोपों को दबाने के बजाय उनका निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करने की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश महामंत्री इशिता, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय प्रताप मल्ला, कुलदीप कोहली, महीपाल शाह, ओमप्रकाश सती और संग्राम सिंह पुंडीर, अनुराग मित्तल, पार्षद रोबिन त्यागी, पार्षद आयुष गुप्ता, अमित रावत, पार्षद इतात खान, प्रदेश सचिव देवेंद्र सिंह, रितेश छेत्री, आशीष भट्ट, संजय थापा, पीयूष जोशी, दमन सिंह, मुकेश चौहान, दीवान सिंह बिष्ट, नितिन रावत, मानस, अनिल नेगी, शुभम चौहान, हिमांशु रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रियांशु गौड़, अभिषेक त्यागी, अतुल सक्सेना और अर्पित राठी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डीएवी छात्रसंघ चुनाव में उठे सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच से मिलना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि छात्रों के मताधिकार, चुनाव की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।