कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े मामले का किया उल्लेख, देहरादून की गंभीर आपराधिक घटनाओं पर जताई चिंता; सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
देहरादून। उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने प्रदेश में सामने आ रही गंभीर आपराधिक घटनाओं और घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। अपराधों की रोकथाम, महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
लालचंद शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांतिपूर्ण वातावरण, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी है। ऐसे में जब प्रदेश में गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आती हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं, तो सरकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कानून व्यवस्था केवल दावों से मजबूत नहीं होती, बल्कि इसके लिए धरातल पर प्रभावी कार्रवाई और आम जनता के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम करना जरूरी है।

कैबिनेट मंत्री से जुड़े मामले ने महिला सुरक्षा पर खड़े किए सवाल
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की ओर से अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता को सामने लाता है। दरअसल प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कल 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मारपीट, कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की साजिश सहित कई गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
लालचंद शर्मा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल सरकारी योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना, उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा किसी एक परिवार का निजी विषय भर नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ा सामाजिक प्रश्न है। ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन की संवेदनशीलता और कानून के निष्पक्ष क्रियान्वयन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
देहरादून के तिहरे हत्याकांड ने बढ़ाई चिंता
शर्मा ने कहा कि राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र की विष्णुलोक कॉलोनी में 6 अक्टूबर 2026 को सामने आया तिहरा हत्याकांड भी गंभीर चिंता का विषय है। इस घटना में एक बुजुर्ग दंपती और उनकी घरेलू सहायिका की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में एक प्लंबर को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में मजदूरी के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया था। इस घटना ने घरों में काम करने वाले लोगों के सत्यापन, नागरिकों की सुरक्षा और आपराधिक घटनाओं की रोकथाम जैसे सवालों को चर्चा में ला दिया। ऐसी वारदातों के बाद निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जितनी जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करना भी है। शर्मा ने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे और गंभीर अपराधों के मामलों में जांच पारदर्शी तथा समयबद्ध हो।

शर्मा ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों और घरेलू हिंसा की घटनाओं को नागरिकों के लिए चिंता का विषय बताया है। उनका कहना है कि सरकार को कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। घरेलू हिंसा की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अपराधों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस की सक्रियता, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
लालचंद शर्मा का सवाल सीधे तौर पर सरकार की जवाबदेही से जुड़ा है—प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। देवभूमि की सामाजिक पहचान और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि कानून व्यवस्था के मामले में सरकार के प्रयास धरातल पर दिखाई दें और महिलाओं सहित प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।
