बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरेगी कांग्रेस; प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर बनी रणनीति
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार की नीतियों और प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने के लिए अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने प्रस्तावित ‘उत्तराखण्ड न्याय यात्रा’ के माध्यम से बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। इस यात्रा के तहत देहरादून जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।

उत्तराखण्ड न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, देहरादून में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व विधायक एवं टिहरी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे जोत सिंह गुनसोला सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में यात्रा की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने, प्रस्तावित मार्गों, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रमों के आयोजन तथा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बदहाल कानून व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में युवा परेशान हैं, महिलाएं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और किसान, मजदूर, व्यापारी सहित आम नागरिक भी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और उसके कार्यकाल में सामने आई समस्याओं को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाएगी तथा जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘उत्तराखण्ड न्याय यात्रा’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के अधिकारों, सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष का अभियान है। कांग्रेस इस यात्रा के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुनेगी, स्थानीय मुद्दों को सामने लाएगी और उनके समाधान के लिए आवाज बुलंद करेगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में जनता से सीधा संवाद बनाने की तैयारी
कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा को देहरादून जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित करने की योजना है। बैठक में यात्रा के संभावित मार्ग, जनसभाओं, नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। पार्टी का जोर इस बात पर है कि यात्रा केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का अवसर भी मिले।
प्रीतम सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान क्षेत्रवार समस्याओं, जनहित से जुड़े विषयों और भाजपा सरकार की कथित विफलताओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कांग्रेस की रणनीति के अनुसार, जनसंपर्क के माध्यम से लोगों की शिकायतों और अपेक्षाओं को सामने लाने के साथ-साथ सरकार की नीतियों पर जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई जाएगी।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश
आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस इस यात्रा को प्रदेशभर में जनहित के मुद्दों पर अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के महत्वपूर्ण अभियान के रूप में देख रही है। पार्टी का मानना है कि महंगाई, रोजगार, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे विषय जनता से सीधे जुड़े हैं और इन पर व्यापक संवाद की आवश्यकता है। प्रीतम सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों का जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड न्याय यात्रा के माध्यम से कांग्रेस परिवर्तन का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
राजनीतिक दृष्टि से यह यात्रा कांग्रेस के लिए जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों को चुनावी विमर्श में प्रमुखता दिलाने और संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का अवसर भी होगी। हालांकि, यात्रा की वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी जनता की समस्याओं को किस हद तक प्रभावी ढंग से उठाती है और उन्हें लेकर आगे क्या कदम उठाती है।

बैठक में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में पूर्व विधायक एवं टिहरी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे जोत सिंह गुनसोला, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, लालचन्द शर्मा, राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली, महामंत्री राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, महानगर अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी, संजय कनौजिया, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल, प्रदेश सचिव अमेन्द्र बिष्ट, सोनिया आनन्द, प्रशान्त खंडूरी, मनीष गौनियाल, रितेश जोशी, पार्षद सुमेंद्र सुशांत बोहरा और मोहन सिंह खत्री सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में यात्रा को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक समन्वय, विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, उत्तराखण्ड न्याय यात्रा के जरिए कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीतिक बहस को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि यात्रा कब शुरू होती है, किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचती है और जनता के बीच इसे कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

