MDDA के सहायक अभियंता की सड़क हादसे में मौत, विभाग में शोक की लहर

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देहरादून। कांवड़ यात्रा के बीच हुए सड़क हादसे में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के सहायक अभियंता राजेंद्र बहुगुणा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कांवड़ियों के वाहन से हुई टक्कर में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के प्रयास किए, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेंद्र बहुगुणा MDDA में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। वह विभागीय कार्यों के सिलसिले में जा रहे थे, इसी दौरान सड़क पर हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कांवड़ियों के वाहन से उनकी टक्कर हुई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वह बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल राजेंद्र बहुगुणा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी स्थिति गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। उन्हें कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों और परिचितों को भी हादसे की जानकारी दी गई। उपचार के दौरान उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।

MDDA में शोक की लहर
राजेंद्र बहुगुणा के निधन की खबर मिलते ही MDDA के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उनके असमय निधन पर दुख व्यक्त किया। विभाग में उन्हें जिम्मेदार अधिकारी के तौर पर याद किया जा रहा है। सड़क हादसे में एक अधिकारी की अचानक मौत से उनके परिचितों और सहयोगियों में भी शोक का माहौल है।कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में भी कांवड़ियों के वाहनों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहता है। भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को लेकर प्रशासन के सामने भी चुनौती रहती है। बहुगुणा के साथ हुआ हादसा इसी बढ़े हुए यातायात दबाव के बीच हुआ। घटना ने एक बार फिर कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा, वाहनों की गति और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों में राजेंद्र बहुगुणा के कांवड़ियों के वाहन से टकराने की बात कही गई है। हालांकि, दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई, वाहन की गति कितनी थी और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं, इसका स्पष्ट पता पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही चल सकेगा। हादसे की पूरी तस्वीर पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी। एक सरकारी अधिकारी की सड़क हादसे में मौत ने कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रा मार्गों पर वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात नियमों का पालन, वाहन चालकों की सतर्कता और संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी यातायात प्रबंधन बेहद जरूरी है। राजेंद्र बहुगुणा की मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ MDDA के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गहरा सदमा दिया है। फिलहाल हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।