MDDA का बड़ा एक्शन: दून में नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा, सीलिंग की भी कार्रवाई 

40

 

राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी समेत कई क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण, बिना स्वीकृति और मानचित्र उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और स्वीकृत मानचित्रों के उल्लंघन के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश में एक अवैध निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया। वहीं देहरादून के राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी समेत कई क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का व्यापक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के होने वाले निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम ने ऋषिकेश स्थित निर्मल ब्लॉक-बी, द गंगाज के निकट एक निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था। नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से भवन को सील कर दिया। इस दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

उधर, उपाध्यक्ष के निर्देश पर संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी और आसपास के क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्वीकृत मानचित्रों का मौके पर चल रहे निर्माण कार्य से मिलान किया तथा कई निर्माणकर्ताओं से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। जहां भी स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण पाया गया, वहां संबंधित अधिकारियों को उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। एमडीडीए ने दोहराया कि सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध कॉलोनियों, बिना स्वीकृति भवन निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विकास क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। उन्होंने भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे कानूनी कार्रवाई से बचने के साथ-साथ क्षेत्र का सुनियोजित विकास भी सुनिश्चित होगा।

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाकर अनधिकृत निर्माण कार्यों की जांच की और मौके पर ही कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने सबसे पहले लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के निकट निर्मल बाग क्षेत्र में एक निर्माणाधीन व्यावसायिक भवन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि भवन का निर्माण प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अनुमति प्राप्त किए बिना किया जा रहा था। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को देखते हुए टीम ने तत्काल भवन को सील कर दिया।

इसके बाद टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में चल रहे एक अन्य निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जांच में यह निर्माण भी प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना संचालित पाया गया। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इस भवन को भी सील कर दिया गया और आगे का निर्माण कार्य बंद करा दिया गया।
प्रवर्तन अभियान के दौरान नागराजा मंदिर, गुमानीवाला क्षेत्र में संचालित एक व्यावसायिक निर्माण का भी निरीक्षण किया गया। यहां भी निर्माण कार्य आवश्यक अनुमति के बिना किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एमडीडीए ने संबंधित भवन को सील करते हुए निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी।

एमडीडीए अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में अवैध एवं अनधिकृत निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृति एवं आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने संबंधित भवन स्वामियों को भवन निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के निर्देश भी दिए हैं।

 

देहरादून। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण तथा अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सहसपुर क्षेत्र के कल्याणपुर में लगभग 50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए लंबे समय से अवैध निर्माणों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।

 

इसी क्रम में प्राधिकरण को सूचना मिली थी कि नया हाईवे, कल्याणपुर, सहसपुर क्षेत्र में भू-स्वामी जैद रफी द्वारा लगभग 50 बीघा भूमि पर बड़े स्तर पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। यहां प्लॉटों का चिन्हीकरण करने के साथ-साथ सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था, जबकि इसके लिए प्राधिकरण से किसी प्रकार की स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी।

प्राधिकरण की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि संबंधित भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। प्लॉटों का सीमांकन किया जा चुका था तथा आंतरिक संपर्क मार्ग के रूप में सीसी सड़क भी डाली गई थी। यह पूरा कार्य विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना किया जा रहा था, जो उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए द्वारा संबंधित भू-स्वामी के विरुद्ध वाद योजित किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम, पुलिस बल तथा संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध रूप से विकसित किए गए निर्माण कार्यों और प्लाटिंग संबंधी संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा हमने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास क्षेत्र में नियमित निगरानी रखी जाए और जहां भी अवैध गतिविधियां दिखाई दें, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। आम जनता से भी अनुरोध है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कल्याणपुर में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

 

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी -देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने सहसपुर, सेलाकुई और मसूरी रोड क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग स्थलों को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित स्थलों पर बिना मानचित्र स्वीकृति और विकास प्राधिकरण की अनुमति के निर्माण कार्य एवं प्लॉटिंग की जा रही थी। शिकायतों और निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और एमडीडीए की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉटिंग क्षेत्रों में बनाई गई सड़कें, सीमांकन संरचनाएं तथा निर्माणाधीन भवनों के हिस्सों को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या भूमि विकास नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एमडीडीए ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता और स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें। अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग में निवेश करने से लोगों को भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि राजधानी क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। इस कार्यवाही से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना किए जाने वाले निर्माण और प्लॉटिंग कार्यों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत भूमि विकास के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने बिना स्वीकृति विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध भूमि विकास में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

 

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार शिमला बायपास रोड स्थित पित्थुवाला खुर्द क्षेत्र में सुभाष कश्यप द्वारा लगभग एक बीघा भूमि पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और स्वीकृत ले-आउट के बिना अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। क्षेत्र का निरीक्षण करने और अभिलेखों की जांच के दौरान यह पाया गया कि भूमि विकास कार्य निर्धारित नियमों और प्रावधानों के विपरीत किया जा रहा है। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्राधिकरण का कहना है कि अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध भूमि विकास गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृति कराए जा रहे निर्माण और प्लॉटिंग कार्य न केवल शहरी नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, विद्युत और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में भी गंभीर बाधाएं उत्पन्न करते हैं। इसी उद्देश्य से अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेष राणा सहित एमडीडीए के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के तहत संपन्न कराई गई।

 

एमडीडीए के सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी कर किसी भी व्यक्ति को भूमि विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों ने आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड, प्लॉट या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, स्वीकृत ले-आउट तथा संबंधित विभागों से प्राप्त अनुमतियों की पूरी जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।