NEET UG परीक्षा रद्द: दून तक पहुंची पेपर लीक की आंच, एक गिरफ्तार 

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को आखिरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रद्द कर दिया है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता और नाराजगी का माहौल है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का नाम भी सामने आया है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच के दौरान देहरादून से एक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि युवक मूल रूप से राजस्थान का निवासी है और देहरादून घूमने आया हुआ था।

 

सूत्रों के अनुसार, युवक को डालनवाला कोतवाली में आमद कराने के बाद राजस्थान टीम अपने साथ ले गई। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि NEET UG 2026 का पेपर राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं सहित कई जिलों में पहले ही लीक कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, 300 सवालों वाला एक संदिग्ध “गेस पेपर” बरामद हुआ था, जिसके कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए। अब तक की जांच में केरल, महाराष्ट्र के नासिक, जयपुर, हरियाणा, देहरादून, बिहार और जम्मू-कश्मीर तक नेटवर्क फैले होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पेपर सबसे पहले नासिक से गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा और वहां से जयपुर समेत अन्य राज्यों में फैलाया गया।

राजस्थान SOG अब तक 13 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में ले चुकी है। जयपुर निवासी मनीष नामक व्यक्ति से भी लगातार पूछताछ की जा रही है, जिसकी भूमिका इस पूरे नेटवर्क में अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक में कौन-कौन लोग शामिल थे, किन माध्यमों से प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाया गया और इसके पीछे कितना बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था।

NEET UG 2026 रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराने से उनका मानसिक तनाव बढ़ रहा है और पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो रहा है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को बार-बार सिस्टम की खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। छात्रों ने निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की मांग की है।

NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पहले से जमा किए गए आवेदन, परीक्षा केंद्र और उम्मीदवारों का डाटा मान्य रहेगा। साथ ही किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहले जमा की गई फीस भी सुरक्षित रहेगी। एजेंसी के अनुसार, नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।

NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद देश की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले ने सरकार और जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब पूरे देश की नजर CBI जांच पर टिकी है कि आखिर इस पेपर लीक नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो पाएगी।