देहरादून। निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस ने मतदाता सूची से नाम कटने के संभावित मामलों को बड़ा लोकतांत्रिक मुद्दा बनाते हुए प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने साफ किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा और इसके लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कार्यकर्ताओं को विस्तृत प्रशिक्षण दिया और मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर चर्चा की। कार्यक्रम में कांग्रेस ने संकेत दिए कि आगामी चुनावी परिदृश्य को देखते हुए वह मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखेगी।
प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष हाजी सुलेमान अंसारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न कटे और यदि किसी मतदाता को किसी प्रकार की समस्या आती है तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी दिखाई दे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग प्रदेशभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं को सूची सत्यापन, नाम जोड़ने, संशोधन कराने और नोटिसों के जवाब देने की प्रक्रिया की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाता के अधिकार की सुरक्षा से जुड़ी है और कांग्रेस इसे अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानती है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक मनोज रावत ने कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी प्रत्येक कार्यकर्ता तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर आपत्तियां दर्ज की जाएं और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए तो किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटने से बचाया जा सकता है। इस दौरान कांग्रेस ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दूसरे चरण में यदि मतदाताओं को नोटिस जारी होते हैं, तो उनकी सहायता के लिए एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम शिकायतों के निस्तारण, दस्तावेजी मार्गदर्शन और सुनवाई संबंधी सहायता उपलब्ध कराएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय बन सकता है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा इसे जन अधिकार और लोकतंत्र से जोड़कर प्रदेशव्यापी अभियान का स्वरूप देना आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में शहजाद अंसारी, अनवर खान, शाहिद खान, जिला अध्यक्ष संजय किशोर, मुर्तजा राव, पूर्व पार्षद इलियास अंसारी, पार्षद आशीष वर्मा, सबीना बेगम, कासिम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।












