UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR का विरोध, व्यापारियों ने कांग्रेस नेताओं संग फूंका केंद्र सरकार का पुतला

Astitva Times Desk
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व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का लगाया आरोप, डिस्पेंसरी रोड पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता और व्यापारी

देहरादून। निर्धारित श्रेणी के 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को डिस्पेंसरी रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से व्यापारी लेनदेन से संबंधित शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार कर छोटे और मध्यम कारोबारियों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “UPI ट्रांजैक्शन शुल्क खत्म करो, व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी UPI को अपने दैनिक कारोबार का हिस्सा बना चुके हैं। ऐसे में लेनदेन पर अतिरिक्त लागत लगाए जाने से व्यापारियों के सामने आर्थिक चुनौती बढ़ सकती है।

छोटे व्यापारियों की बढ़ सकती है परेशानी
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों और आमजन को UPI अपनाने के लिए प्रेरित किया। अब व्यापारी लेनदेन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी पहले ही महंगाई, बढ़ती लागत और बाजार की प्रतिस्पर्धा से प्रभावित हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़ी अतिरिक्त लागत उनकी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और व्यापारियों को राहत देने की मांग की।

रेहड़ी-पटरी वाले भी डिजिटल भुगतान पर निर्भर
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि छोटे दुकानदारों से लेकर रेहड़ी-पटरी वाले तक अब डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ग्राहकों की सुविधा और बदलती भुगतान व्यवस्था के कारण UPI रोजमर्रा के कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इससे जुड़ी अतिरिक्त लागत का असर छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिले और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाली नीति की मांग
महानगर अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ सुनील कुमार बांगा ने कहा कि UPI आम जनता और व्यापारियों के बीच भुगतान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। सरकार को व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान का विस्तार हो और कारोबारियों की लागत न बढ़े। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि व्यापारियों की लागत बढ़ती है तो उसका अप्रत्यक्ष प्रभाव बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को व्यापारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए शुल्क व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

प्रदर्शन में पार्षद विरेंद्र बिष्ट, अनूप कुमार, दीपा चौहान, दानिश कुरैशी, राहुल शर्मा, गुलशन सिंह, व्यापारी गुरनेन सिंह, राम कपूर, विपुल नौटियाल, मनीष गर्ग, पप्पू कोहली, सलीम अहमद, फारूक अहमद, चमन लाल, अजीत सिंह, प्रवीण बांगा, शिवा सोनकर, राजेंद्र सिंह घई, सुनील चंद, अनु सोनकर, अमीचंद सोनकर, नमन, जागीर खान और विजेंद्र चौहान समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। कांग्रेस ने कहा कि व्यापारियों से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी आगे भी आवाज उठाती रहेगी और सरकार से शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग जारी रखेगी।

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