आज से जन्म-मृत्यु पंजीकरण, LPG, FD और NPS तक हुए कई बदलाव 

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नई दिल्ली। आज अक्टूबर की शुरुआत के साथ आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम और व्यवस्थाएं लागू हुई हैं। इनमें जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्त प्रक्रिया, सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD के लिए नए नियम, NPS के शुल्क में बदलाव और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी शामिल है। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों, बैंक ग्राहकों, पेंशन निवेशकों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।

जन्म या मृत्यु का पंजीकरण समय पर नहीं कराने वालों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक औपचारिक हो गई है। एक साल से अधिक की देरी होने पर जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है। अधिकारी को संबंधित जन्म या मृत्यु की वास्तविकता का सत्यापन करना होता है। निर्धारित शुल्क और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद ही विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

हालांकि, सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि एक से दो साल की देरी पर DM/SDM और दो साल से अधिक देरी पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। मौजूदा केंद्रीय कानून के अनुसार यह विवरण सही नहीं है। एक साल से अधिक की देरी के लिए DM, SDM या अधिकृत Executive Magistrate के आदेश का प्रावधान है। इसलिए जन्म और मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय में कराना सबसे महत्वपूर्ण है। एक साल से अधिक पुराने मामले में संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार और सक्षम अधिकारी की प्रक्रिया का पालन करना होगा।

LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) महत्वपूर्ण हो गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक करीब 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता अपना BAA पूरा कर चुके थे। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, वे LPG डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 1 अक्टूबर को बदलाव नहीं किया गया है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
3 करोड़ रुपये या अधिक की FD होगी Bulk Deposit
बैंक ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। RBI के संशोधित नियमों के तहत 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एकल रुपया टर्म डिपॉजिट को Bulk Deposit माना जाएगा।
ऐसी बड़ी FD पर बैंक अपनी निर्धारित नीतियों और नियामकीय प्रावधानों के अनुसार ब्याज दर तय कर सकते हैं। बैंक को लागू दरों को अपनी वेबसाइट पर निर्धारित समय के अनुसार प्रदर्शित करना होगा। इसका असर मुख्य रूप से बड़े जमाकर्ताओं पर पड़ेगा। सामान्य ग्राहकों की अधिकांश FD 3 करोड़ रुपये की सीमा से काफी नीचे होती हैं।
NPS के शुल्क ढांचे में बदलाव
National Pension System (NPS) से जुड़े ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नया Point of Presence (PoP) charge structure लागू हुआ है।
PoP के माध्यम से खोले गए NPS खातों पर नए onboarding और अन्य निर्धारित शुल्क लागू होंगे। PFRDA ने इसके लिए संशोधित शुल्क ढांचा जारी किया है।
NPS खाताधारकों को यह जांचना चाहिए कि उनका खाता किस माध्यम से खोला गया है और उस पर कौन-से शुल्क लागू हैं।