देहरादून। राजधानी देहरादून के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शुमार पलटन बाजार में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रसिद्ध साड़ी और लहंगा शोरूम ‘गांधी संस’ में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और शोरूम के भीतर रखा लाखों रुपये मूल्य का सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के तुरंत बाद शोरूम से धुएं के घने गुबार और ऊंची लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने शुरुआती स्तर पर स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हालात जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो गए। इसके बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग का पहला वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए तीन अतिरिक्त फायर टेंडर भी बुला लिए गए। कुल चार दमकल वाहनों और अग्निशमन कर्मियों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। लगभग एक घंटे तक चले कठिन राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
अग्निकांड के दौरान आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्र और सटी हुई दुकानों तक आग फैलने की आशंका बनी रही, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल रहा। पुलिस और प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गौरतलब है कि पलटन बाजार देहरादून का सबसे पुराना, विशाल और अत्यंत व्यस्त बाजार माना जाता है। यह बाजार किफायती खरीदारी, स्थानीय हस्तशिल्प, फैशन परिधानों और मशहूर स्ट्रीट फूड के लिए प्रसिद्ध है। सामान्य दिनों में यहां भारी संख्या में खरीदारों की भीड़ उमड़ती है। यदि यह घटना बाजार के अत्यधिक व्यस्त समय में होती, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं तथा आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित विभिन्न संभावित कारणों पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों और नुकसान के वास्तविक आकलन की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।











