रिसपना नदी में अवैध कब्जा कर बने पुल, सड़क और बाउंड्री वॉल ध्वस्त

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देहरादून। राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र की रिसपना नदी में बढ़ते अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नदी क्षेत्र में बनाए गए अवैध पुल, बाउंड्री वॉल और सड़क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। नगर निगम, सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर कई घंटों तक अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जबकि प्रशासन ने साफ कर दिया कि सरकारी भूमि और नदी क्षेत्र पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार नगर निगम देहरादून को पिछले कुछ समय से रिसपना नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण और कब्जे की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि भू-माफिया नदी के बहाव क्षेत्र में धीरे-धीरे कब्जा कर पक्के निर्माण कर रहे हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। शिकायतों के बाद नगर निगम और सिंचाई विभाग ने संयुक्त निरीक्षण किया, जिसमें नदी क्षेत्र में अवैध रूप से सड़क निर्माण, पुल और बाउंड्री वॉल बनाए जाने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर, नगर आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इसके बाद प्रशासन ने अभियान की तैयारी करते हुए पुलिस बल की तैनाती की और सुबह संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।

अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले नदी क्षेत्र में बनाए गए अवैध पुल को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध सड़क और बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार ये निर्माण बिना अनुमति और सरकारी भूमि पर किए गए थे, जिससे नदी का प्रवाह प्रभावित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश भी की, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रशासन ने निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किए जाने की बात भी कही है।

अधिकारियों का कहना है कि रिसपना नदी में लगातार हो रहे अतिक्रमण के कारण नदी का बहाव क्षेत्र संकरा होता जा रहा था। बरसात के मौसम में इससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ सकता था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अवैध निर्माण पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करते हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आने वाले समय में नदी क्षेत्र में और बड़े पैमाने पर कब्जे हो सकते थे।

महापौर सौरभ थपलियाल ने कार्रवाई के बाद कहा कि देहरादून की नदियों, नालों और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए नदी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में नदी और नाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए।

प्रशासन ने इस कार्रवाई में सूचना देने वाले स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों की सराहना की है। अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों की सतर्कता से ही अवैध कब्जों की जानकारी समय पर मिल पाती है, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने में मदद मिलती है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी नदी, नाले या सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।