मरीजों को मिलेगी विश्वस्तरीय, सुरक्षित और सटीक नेत्र चिकित्सा
देहरादून। उत्तराखण्ड के जरूरतमंद नेत्र रोगियों के लिए विवेकानंद नेत्रालय में एक और सुविधा शुरू हो गई है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) सहयोग से विवेकानन्द नेत्रालय में स्थापित अत्याधुनिक एल्कॉन सेंट्यूरियन फेको इमल्सिफिकेशन सिस्टम तथा ज़ाइस ल्यूमेरा-आई ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप का उद्घाटन हडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव द्वारा विधिवत किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित इन विश्वस्तरीय उपकरणों के स्थापित होने से मोतियाबिंद सहित जटिल नेत्र शल्य चिकित्साओं की गुणवत्ता, सटीकता और सुरक्षा में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इससे मरीजों को कम समय में बेहतर उपचार, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा उत्कृष्ट दृष्टि परिणाम प्राप्त होंगे। साथ ही चिकित्सकों को भी जटिल ऑपरेशन अधिक दक्षता और आत्मविश्वास के साथ करने में सहायता मिलेगी।
विवेकानन्द नेत्रालय पिछले कई वर्षों से उत्तराखण्ड सहित हिमालयी क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र रहा है। संस्थान प्रतिवर्ष लगभग 18 हजार मोतियाबिंद ऑपरेशन करता है तथा एक लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी, शल्य चिकित्सा एवं अन्य नेत्र सेवाएँ उपलब्ध कराता है। अब इन अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर, निर्धन एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले हजारों मरीजों को विश्वस्तरीय, निःशुल्क एवं किफायती नेत्र चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा।
वक्ताओं ने कहा कि हुडको द्वारा सीएसआर के अंतर्गत प्रदान किया गया यह सहयोग केवल उपकरणों की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल है। यह सहयोग प्रदेश में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ अंधत्व निवारण के राष्ट्रीय प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने कहा कि संस्थागत सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत हडको शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। विवेकानन्द नेत्रालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़कर अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं को जनसामान्य तक पहुँचाने में सहयोग देना संस्था के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन उपकरणों के माध्यम से हजारों मरीजों के जीवन में नई रोशनी आएगी। कार्यक्रम में स्वामी असीमत्मानन्द जी महाराज ने हडको के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सेवा और संवेदना का यही भाव समाज को आगे बढ़ाता है। आधुनिक तकनीक और समर्पित चिकित्सा सेवा का यह समन्वय प्रदेश के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान सिद्ध होगा।
इस अवसर पर डॉ. मानसी गुसाईं, डॉ. गौरव शाह, डॉ. अलंकृता मुरलीधर, हडको मुख्यालय, नई दिल्ली से सुश्री जयन्ती महाबले एवं अभिजीत सरकार, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी अतिथियों ने हडको के इस अमूल्य सीएसआर सहयोग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखण्ड के नेत्र स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह नई सुविधा न केवल प्रदेश बल्कि समूचे हिमालयी क्षेत्र के हजारों मरीजों के जीवन में नई दृष्टि और नई आशा का संचार करेगी।















