कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश सचिव को किया 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित

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देहरादून। कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी को पार्टी ने तत्काल प्रभाव से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। वहीं अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महेश जोशी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी लेने से पार्टी के वरिष्ठ नेता बच रहे हैं जबकि हार के कारणों का सबको मिलजुल कर कारण तलाश करना चाहिए ताकि भविष्य में पार्टी को मजबूत किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने पूर्व प्रदेश सचिव महेश जोशी को पार्टी संगठन एवं वरिष्ठ नेताओं के विरूद्ध शोशल मीडिया के माध्यम से की जा रही अनर्गल बयानबाजी के कारण कांग्रेस पार्टी से तत्काल प्रभाव से छः साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

निष्कासित पूर्व प्रदेश सचिव महेश जोशी

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने महेश जोशी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से की गई जालसाजी एवं अनर्गल बयानबाजी का स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें पार्टी से छः वर्ष के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। सारस्वत ने कहा कि महेश जोशी प्रदेश प्रभारी एवं पार्टी नेतृत्व के विरूद्ध सोशल मीडिया में सार्वजनिक रूप से की गई अनर्गल बयानबाजी को गम्भीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि महेश जोशी सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अनर्गल बयानबाजी करते आ रहे हैं जिसे प्रदेश जिसका संज्ञान लेते हुए कांग्रेस संविधान की धारा 19 (च) (4) के अन्तर्गत उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छः वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

सारस्वत ने बताया कि महेश जोशी द्वारा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम से पोस्ट की गई थी उक्त पोस्ट की जानकारी मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा द्वारा प्रीतम सिंह से वार्ता की गई जिसमें उन्होंने असहमति जताते हुए इसे महेश जोशी का व्यक्तिगत बयान बताया। विजय सारस्वत ने बताया कि कांग्रेस पार्टी महेश जोशी द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी तथा सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के नाम का इस्तेमाल करने के लिए उनके खिलाफ साइबर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई भी करेगी। सारस्वत ने कहा कि पार्टी में ऐसी अनुशासनहीनता को कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा तथा चाहे कोई कितना भी बड़ा कार्यकर्ता क्यों न हो यदि वह पार्टी संगठन अथवा वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ किसी प्रकार की बयानबाजी करते है तो उसके खिलाफ पार्टी अनुशासन के तहत कडी कार्रवाई की जायेगी।

वहीं अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महेश जोशी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर 22 वर्षों की निस्वार्थ सेवा का इनाम दिया है। जोशी ने कहा कि अपने निष्कासन पर वह काफी हैरान और दुखी हैं। पिछले 22 वर्षों से पार्टी में सक्रिय रहकर लगातार पार्टी हित में काम किया है। यहां तक की जिस समय कांग्रेस के वरिष्ठजन पार्टी छोड़कर जा रहे थे उन्होंने उस समय भी ईमानदारी के साथ पार्टी हित में काम किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार हुई है और इसकी जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़े नेताओं की भी है ऐसे में उनका निष्कासन करने के बजाय सबको मिल बैठकर हार के कारणों का आकलन करना चाहिए था जिससे कि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन हो।

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