बस्तियों में चल रही ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के खिलाफ सैकड़ों महिलाओं ने किया जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव

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जिलाधिकारी श्रीमति सोनिका ने बुधवार को प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया

कांग्रेस से भी बस्तियों में चल रही ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग

देहरादून। बस्तियों में अवैध अतिक्रमण पर हो रही ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के खिलाफ लोगों का विरोध प्रर्दशन जारी है। मगंलवार को सैकड़ों महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को तत्काल रुकवाने की मांग की। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी को मुख्य्मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर भीषण गर्मी के दौरान गरीब मजदूरों को उजड़ने से बचाने की मांग की।

राज्य के विभिन्न ट्रेड यूनियनों, जन संगठनों एवं एवं विपक्षी दलों के बैनर तले जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव करते हुए हो रहे ध्वस्तीकरण एवं बेघर करने का अभियान का जमकर विरोध किया। सरकार की गरीब विरोधी नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा चेतावनी दी है कि बस्तिवासियों को तंग करने तथा उजाड़ने का क्रम नहीं रूका तो व्यापक आन्दोलन छेड़ा जायेगा। वक्ताओं ने भाजपा के रवैये की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा गरीबों मेहनतकश वर्ग के लोगों को वोट के लिये इस्तेमाल करती है तथा काम अमीरों के लिये करती है। वक्ताओं ने कांग्रेस से भी बस्तियों पर हो रही कार्यवाही के सन्दर्भ में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

प्रभावित महिलाओं ने कहा कि वे एक महीने से आतंक में रह रहे हैं क्योंकि हरित प्राधिकरण के आदेश के बारे में गलत धारणा फैला कर अनधिकृत अधिकारी किसी भी क़ानूनी प्रक्रिया को न अपना कर उनके घरों को तोड़ने की प्रक्रिया में जुटे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि उनके परिवारों और उनके बच्चों की भविष्य क्या होगा? जिस शहर में कोई भी मज़दूर परिवार को न कोई कोठी मिलने वाली है और न ही कोई फ्लैट, अगर सरकार पुनर्वास या नियमितीकरण करने के बजाय ऐसी नीति अपनाएगी, तो मज़दूरों को क्या होगा?

प्रभावित महिलाओं के साथ सीटू चेतना आंदोलन,सीपीआई(एम), सपा,आयूपी उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी परिषद, अम्बेडकर युवक संघ, किसान सभा एस एफ आई, सर्वोदय मंडल और अन्य विपक्षी दलों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस अभियान को गैर क़ानूनी ठहराते हुए कहा कि सरकार को अपने ही वादों के अनुसार अध्यादेश लाना चाहिए कि किसी को बेघर नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी मांग उठाया कि जिलाधिकारी महोदया तुरंत इस अभियान पर रोक लगाए और वार्ता के लिए समय दे। कार्यक्रम का संचालन सीआईटीयू के प्रांतीय सचिव लेखराज एवं चेतना आन्दोलन के शंकर गोपाल ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर एस एन सचान (सपा), महिला समिति की इन्दु नौडियाल ,सीपीएम के राजेन्द्र पुरोहित ,अनन्त आकाश ,किसान सभा कमरूद्दीन ,एडवोकेट रजिया बेग (पूर्व अध्यक्ष बार कौसिंल ),नवनीत गुंसाई (आयूपी) बीना, सुनीता, प्रेंमा, नरेन्द्र कुमार, रधुबीर, किरन, सरोज, कमलेश, रजनी,हिमान्शु चौहान,नितिन मलेठा (एस एफ आई ) रामू , संजय, राजेन्द्र, रमन कुमार, रविंद्र नौडियाल, शैलेन्द्र, हरीश, ओमवती, प्रभा, पम्मी, ज्योति, नूतन ,ओमबीर सिंह आदि ने विचार व्यक्त किये। जिला मुख्यालय में घेराव के दौरान जिला प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी प्रदर्शनकारियों के मध्य आयी तथा ज्ञापन के सन्दर्भ में जिलाधिकारी से वार्ता का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कल बातचीत के लिये प्रतिनिधि मण्डल को आमंत्रित किया है।

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