भाजपा प्रभारी गौतम ने विपक्षी पार्टियों समेत सोशल मीडिया प्लेटफार्म के खिलाफ दर्ज कराया दो करोड़ की मानहानि का मामला

Astitva Times Desk
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अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित सोशल मीडिया आरोपों पर भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने कानूनी कदम उठाते हुए हाईकोर्ट में दो करोड़ रुपए की मानहानि का वाद दाखिल किया है, मुकदमे में उर्मिला सनावर, सुरेश राठौर, इंडियन नेशनल कांग्रेस, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, उसके अध्यक्ष गणेश गोदियाल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट आलोक शर्मा, एक्स हैंडल मोहित चौहान, पैरडी अकाउंट पीएम नेहरू के साथ-साथ एक्स, मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल एलएलसी को भी पार्टी बनाया गया है

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे कथित भ्रामक, अपमानजनक और मानहानिकारक कंटेंट के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने इस मामले में एक सिविल मुकदमा दायर करते हुए स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा के साथ लगभग 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। अदालत में इस वाद के लिए लगभग दो लाख रुपये की कोर्ट फीस भी जमा कराई गई है।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस मुकदमे में कुल 12 पक्षकार बनाए गए हैं। इनमें उर्मिला सनावर, उनके कथित पति और भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर, साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

याचिका में दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और एक्स पर साझा किए गए वीडियो, रील्स, पोस्ट और कैप्शन के माध्यम से उन्हें अंकिता भंडारी मामले का “वीआईपी” बताकर गंभीर आरोपों से जोड़ा गया। उनके अनुसार, बिना किसी न्यायिक निर्णय के इस तरह के दावे किए गए, जिससे उनकी सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा। इसे उन्होंने याचिका में “सोशल मीडिया ट्रायल” करार दिया है।

अदालत से मांगी गई राहत
वाद में 2 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने के साथ -साथ आपत्तिजनक सामग्री पर स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह के आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को संबंधित कंटेंट हटाने या ब्लॉक करने के निर्देश देने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि कथित मानहानिकारक सामग्री का आगे प्रसार न हो।

इन पक्षकारों को बनाया गया है प्रतिवादी
मुकदमे में उर्मिला सनावर, सुरेश राठौर, इंडियन नेशनल कांग्रेस, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, उसके अध्यक्ष गणेश गोदियाल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट आलोक शर्मा, एक्स हैंडल मोहित चौहान, पैरडी अकाउंट पीएम नेहरू के साथ-साथ एक्स, मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल एलएलसी को भी पार्टी बनाया गया है।

याचिका में 30 से अधिक डिजिटल साक्ष्यों का हवाला दिया गया है, जिनमें वीडियो ट्रांसक्रिप्ट, स्क्रीनशॉट और सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं। इसके साथ ही उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज एफआईआर, संभावित एआई जनरेटेड या डीपफेक कंटेंट की आशंका और एसआईटी जांच के संदर्भ का भी जिक्र किया गया है। यह मामला अब दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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