भूमि घोटाले के आरोप में पार्षद जी गिरफ्तार

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देहरादून। राजधानी देहरादून में भूमि धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम के एक पार्षद को गिरफ्तार किया है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई को सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे पहले रायपुर पुलिस ने 21 मई को 20 हजार रुपये के इनामी और भूमि धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड अभियुक्त प्रदीप सकलानी को उसके एक साथी सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ के दौरान प्रदीप सकलानी ने अपने कई सहयोगियों और संदिग्ध व्यक्तियों के नाम उजागर किए थे, जिनके आधार पर पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ शुरू की।

मामला थाना नेहरू कॉलोनी में दर्ज मुकदमा संख्या 82/26 से जुड़ा है, जिसमें धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्रदीप सकलानी और उसके साथियों ने महाराष्ट्र के पालघर निवासी बुजुर्ग महिला प्रतिमा लाखीराम कंसवाल की देहरादून स्थित जमीन को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। गिरोह ने महिला के दोनों बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जमीन को तीन अलग-अलग व्यक्तियों को बेच दिया। जांच में इस पूरे प्रकरण में पार्षद अमित भंडारी, हेम भट्ट, अमजद खान, शौकत अली समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए।

एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने सभी संदिग्धों को अलग-अलग थानों में लाकर गहन पूछताछ की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने वार्ड नंबर 56 के पार्षद अमित भंडारी दीपू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट से भी विस्तृत पूछताछ की गई, लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि पुलिस प्रदीप सकलानी और अन्य आरोपियों के बयानों का परीक्षण कर रही है।

पुलिस अब मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी का पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लेने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उससे दोबारा पूछताछ कर भूमि धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी और साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के खिलाफ पुष्ट साक्ष्य मिलेंगे, उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं केवल संदिग्धता के आधार पर पूछताछ के लिए लाए गए व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने की हिदायत देकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।