देहरादून। जिलाधिकारी देहरादून को मिली शिकायत के आधार पर मच्छी बाजार सहित नगर क्षेत्र में मुर्गों के साथ हो रही क्रूरता और पशु कल्याण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पशुपालन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में मुर्गियों से भरे तीन वाहनों को जब्त करते हुए कुल 48 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
पशुपालन विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वरुण अग्रवाल की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया। समिति में नगर निगम देहरादून के पशु चिकित्सा अनुभाग की टीम, पशुपालन विभाग की पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. तनुषा तथा एसपीसीए के सदस्य कुनाल ग्रोवर शामिल रहे। संयुक्त टीम ने सुबह सुबह नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया।
अभियान के दौरान तहसील बाजार, मच्छी बाजार, मोती बाजार और माता वाला बाग क्षेत्रों में मुर्गियों के परिवहन एवं बिक्री से संबंधित व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने पाया कि वाहनों से मुर्गियों को उतारते समय उनके प्रति अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। साथ ही पशु कल्याण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन, बिना बिल के मुर्गियों का परिवहन, वाहनों में साफ-सफाई का अभाव तथा क्षमता से अधिक मुर्गियों की ओवरलोडिंग जैसी खामियां भी पाई गईं।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की गई। तहसील चौक और मोती बाजार क्षेत्र से मुर्गियों से भरे तीन वाहनों को जब्त कर नगर निगम परिसर में लाया गया। संबंधित वाहन स्वामियों और व्यापारियों को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की सख्त चेतावनी देते हुए नोटिस भी जारी किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश वाहन हरियाणा पंजीकरण संख्या के थे।अभियान के दौरान जहां कई वाहनों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं, वहीं दो मुर्गी परिवहन वाहन सभी मानकों के अनुरूप, स्वच्छ अवस्था में तथा वैध बिलों के साथ संचालित होते पाए गए, जिसे टीम ने संतोषजनक माना।
नगर निगम देहरादून के पशु चिकित्सा अनुभाग ने स्पष्ट किया है कि पशु क्रूरता के मामलों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा अब साप्ताहिक विशेष अभियान चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मीट की दुकानों या परिवहन वाहनों में मुर्गियों के प्रति अमानवीय व्यवहार पाए जाने पर न केवल संबंधित वाहनों को सीज किया जाएगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर मीट दुकानों को भी सील करने की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।











