जातिसूचक टिप्पणी का आरोप; BNS और SC/ST एक्ट की धाराओं में कार्रवाई
देहरादून। प्रदेश के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी मोड़ भी ले चुका है।
श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दी गई तहरीर के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में राहुल गांधी पर अनुसूचित जाति के संदर्भ में कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(Q) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी को सौंपी गई है।
मामले में श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े कार्यकर्ता विनोद कुमार आर्य और अमित कुमार की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राहुल गांधी के कथित बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुसूचित जाति से संबंधित ऐसी टिप्पणी की गई, जिससे समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सार्वजनिक रूप से की गई कथित टिप्पणी का प्रभाव व्यापक है और इससे अनुसूचित जाति के लोगों की भावनाएं प्रभावित हुई हैं।
नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी के अनुसार, दलित समाज से आने वाले अमित नामक व्यक्ति की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी के बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस से शिकायतकर्ता तथा उनके समाज को चोट पहुंची है। एसएसपी के अनुसार, शिकायत में यह भी कहा गया कि कथित टिप्पणी को लेकर दलित समाज के लोगों से कोई जानकारी या राय नहीं ली गई और इसे समाज के हित में उचित नहीं माना गया।शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब मामले के सभी तथ्यों, उपलब्ध बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, पूरा विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ से जुड़ा है। 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली आयोजित हुई थी, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही थी। रैली के बाद कथित तौर पर हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा समर्थक पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को लेकर विरोध दर्ज कराया, जबकि शुद्धिकरण कराने वाले पक्ष ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया। अब इसी विवाद के बीच राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
हल्द्वानी का यह मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रही है, वहीं दूसरी ओर शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़े पक्ष की ओर से राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब जांच की दिशा और पुलिस की विवेचना पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं और कथित बयान का वास्तविक संदर्भ क्या था। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।














