अनुमति लेने के बाद भी पुलिस ने जबरन दर्ज किया मुकदमा, झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है सरकार : आप उपाध्यक्ष

MS Malik
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सरकार और प्रशासन प्रदेश की बेहतरी पर दे ध्यान, झूठे मुकदमों से दिख रही सरकार की बौखलाहट: रजिया

झूठे मुकदमों के बजाय, प्रदेश की बेहतरी के लिए करें काम,अन्यथा इस्तीफा दे सीएम: रजिया बेग

देहरादून। आप पार्टी उपाध्यक्ष रजिया बेग ने उनके ऊपर दर्ज किए गए मुकदमे को सरकार की बौखलाहट बताया है। बेग ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि ” उत्तराखंड में भी केजरीवाल” अभियान के आग़ाज़ में पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे थे जिसकी बाकायदा प्रशासन से अनुमति ली गई थी लेकिन बीजेपी सरकार ने बौखलाहट में आप के बढ़ते जनाधार को देखते हुए आप उपाध्यक्ष के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की बढती लोकप्रियता बीजेपी के गले की हड्डी बन चुकी है। इसीलिए उन पर पुलिस द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया। रजिया बेग ने बताया कि उन्होंने ईसी रोड पर समपन्न हुए कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति ली थी। लेकिन इसके बावजूद भी उन पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में थाना डालनवाला पर मुकदमा अपराध संख्या 23/21 धारा 269,270,188 आईपीसी धारा 3 महामारी अधिनियम 1897 धारा 151 (ख )आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 बनाम रजिया बेगम आदि पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना प्रचलित है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी मनमानी पर उतर आई है। ये जबरन लोगों पर मुकदमे दर्ज करने का काम कर रही है। जब बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा, भाजपा प्रभारी और सह प्रभारी उत्तराखंड आए तो हजारों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने समारोह में हिस्सा लिया लेकिन उन पर कोविड के उल्लंघन में कोई मुकदमे दर्ज नहीं हुआ। आखिर क्यों बीजेपी ने अपने लोगों पर मुकदमे दर्ज नहीं करवाए। उन्होंने कहा कि यहां के मुख्यमंत्री जीरो वर्क सीएम हैं जो ना तो खुद काम करते हैं और ना ही आप पार्टी को कार्य करने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर उन पर मुकदमे करवाए हैं।

रजिया बेग ने कहा कि सरकार और प्रशासन आप पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश ना करे क्योंकि हर कार्यकर्ता मजबूती से पार्टी के साथ खडा है। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमों को कराने से बेहतर है कि सरकार और प्रशासन प्रदेश की बेहतरी पर अपना ध्यान लगाए। और अगर मुख्यमंत्री प्रदेश का हित नहीं सोच सकते हैं तो प्रदेश की भलाई के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दें।

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