काठ बंगला बस्ती में ज़बरन विस्थापन के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान

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देहरादून। राजधानी देहरादून की काठ बंगला बस्ती के निवासियों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा उन्हें कानून के विपरीत जबरन विस्थापित करने की कोशिश की जा रही है और उनके अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। पिछले छह महीनों से आंदोलनरत बस्तीवासियों का कहना है कि प्रशासन न तो विस्थापन योजना की स्पष्ट जानकारी दे रहा है और न ही उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कोई कदम उठा रहा है।बस्ती में पहुंचे विपक्षी दलों और जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समर्थन में आंदोलन को और तेज करने का आश्वासन दिया।

शिष्टमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा और प्रीतम सिंह के साथ सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा शामिल रहे। उन्होंने कहा कि जबरन विस्थापन और 2016 के संबंधित अधिनियम के सही क्रियान्वयन को लेकर संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समर भंडारी ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही पारदर्शिता नहीं दिखाई और लोगों के अधिकारों की रक्षा नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

बस्तीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए सवालों पर भी संबंधित विभाग जवाब देने से बच रहे हैं, जिससे उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।शिष्टमंडल ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस मुद्दे को और मजबूती से उठाया जाएगा और प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।