कक्षा 11 की हिंदी पुस्तक में शामिल हुआ प्रेरक निबंध, डॉ. पाण्डेय की जीवन-दृष्टि से छात्र हो रहे प्रभावित

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की कक्षा 11 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में इस शैक्षिक सत्र एक प्रेरणादायक निबंध को शामिल किया गया है, जो सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पाण्डेय के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर आधारित है। यह निबंध डॉ. अमिताभ द्वारा लिखा गया है, जबकि पुस्तक का संपादन सर्वेश कांत वर्मा ने किया है। इसका प्रकाशन नगीन प्रकाशन द्वारा किया गया है। निबंध में गोरखपुर जनपद के ग्राम भस्मा निवासी संत डॉ. सौरभ पाण्डेय के जीवन, उनके संघर्ष, समाज के प्रति समर्पण और सर्वधर्म सद्भाव के प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। ‘धराधाम’ पहल के माध्यम से विभिन्न धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाने की उनकी सोच को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

निबंध में उनके द्वारा संचालित कई जनहितकारी अभियानों का उल्लेख मिलता है, जिनमें—
निःशुल्क शिक्षा अभियान
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण
नशामुक्ति जागरूकता
सामाजिक समरसता और एकता जैसे विषय प्रमुख हैं। ये प्रयास विद्यार्थियों को समाज के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। उनके पारिवारिक जीवन का उल्लेख भी इस निबंध को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। उनके पिता सोमनाथ पाण्डेय एक किसान हैं। उनकी पत्नी डॉ. रागिनी पाण्डेय ने देहदान का संकल्प लिया है, वहीं उनकी पुत्री श्वेतिमा माधव प्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।

शिक्षकों का मानना है कि यह पाठ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। वहीं छात्रों ने भी इसे सरल, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के पाठ नई पीढ़ी को सकारात्मक सोच, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों की ओर प्रेरित करते हैं। यह निबंध न केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा है, बल्कि जीवन जीने की एक दिशा भी प्रदान करता है।

कक्षा 11 की हिंदी पुस्तक में शामिल यह निबंध शिक्षा को केवल ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि विद्यार्थियों को एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है—जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।