प्रभावितों को एलिवेटेड रोड़ बनाने से पहले दें आवास व मुआवजा: कांग्रेस

38

प्रभावितों को एलिवेटेड रोड़ बनाने से पहले दें आवास व मुआवजा: कांग्रेस

देहरादून। अतिक्रमण के नाम पर मलिन बस्तियों के निवासियों का उत्पीड़न किये जाने और एलिवेटेड रोड बनाये जाने से पूर्व प्रभावितों का पुनर्वास कर आवास देने व मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन जय भारत सिंह से मिलकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

राजपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मलिन बस्तियों में अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम, देहरादून द्वारा कई मलिन बस्तियों को नोटिस दिये गये है, जिसमें उनसे 2016 से पूर्व के समस्त कागजात जमा करने को कहा गया है जो अनुचित है।

ज्ञापन में कहा गया कि सभी मलिन बस्तवासियों के दस्तावेजों की गहनता पूर्वक जांच किया जाना चाहिए और सभी प्रभावित होने वाले लोगों का पुनर्वास होना चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा भी दिया जाना चाहिए और ज्ञापन में कहा गया कि यह मलिन बस्ती के लोग तीस से चालीस वर्षों से नदी रिस्पना, एवं बिन्दाल नदी पर अपने कच्चे मकान बना कर परिवार सहित निवास कर रहे हैं और इन सभी मलिन बस्ती वासियों ने अपनी मेहनत, खून, पसीने की कमाई से अपने छोटे-छोटे मकान बना रखे हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि इन बस्तीवासियों को कभी फ्लडजोन, कभी अतिक्रमण व कभी एलिवेटेड रोड़ के नाम से तोड़ा जाता रहा है, जबकि नदी रिस्पना व बिन्दाल में कई सरकारी भवन जैसे विधान सभा, पुलिस कालोनी व अन्य कई विभागों के भवन निर्मित है और कई जगह सरकारी भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने नदी नालों की जगह पर अतिक्रमण कर रखा है और उन विभागों व अन्य प्रभावशाली लोगों को कभी भी किसी विभाग द्वारा कोई नोटिस नहीं दिया गया है, सिर्फ गरीब व निर्धन लोगों को नोटिस देकर भयभीत किया जा रहा है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि आज सभी मलिन बस्ती में निवास करने वाले लोग डरे हुए है कि कभी भी उनके आवासीय भवनों को तोड़ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एलिवेटेड रोड की विरोधी नहीं है और केवल प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी मलिन बस्ती वासियों के पास पानी, बिजली, आधार कार्ड, राशनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र, गैस के कागज, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, जीवन बीमा, बैंक खाता तथा सभी प्रकार के आवश्यक दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि इन सभी मलिन बस्तियों में पार्षद निधि, विधायक निधि, सांसद निधि, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल संस्थान, सिंचाई विवाग, मसूरी देहरा विकास प्राधिकरण, विद्युत विभागों द्वारा निर्माण कार्य कराये गये है तथा इन सभी विभागों ने इन्हें सीवर, पानी, बिजली के कनैक्शन दिये गये है तथा नगर निगम द्वारा भवन कर भी लगा रखा है, फिर इन बस्तियों को क्यों उजाड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि बस्ती वासियों ने अतिक्रमण करके बस्तियों में सरकार की भूमि पर अपने मकान बना कर वह लोग वहां रह रहे है तो इन सभी बस्ती निवासियों को पानी, बिजली के कनैक्शन क्यों दिये गये हैं, उन्होंने कहा कि सभी बस्तियां बहुत लम्बे समय वर्ष 1977 से 1980 के बीच की बसी हुई है, इसीलिए इन सभी मलिन बस्ती निवासीगणों को मालकाना हक पूर्व बनी नियमावली के तहत दिया जाना उचित है।
इस अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस की सरकार ने मलिन बस्तीवासियों को मालिकाना हक देने के लिए विधानसभा के माध्यम से नियमावली तैयार की और कई बस्तीवासियों को मालिकाना हक भी दिया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस नियमावली को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और अब मलिन बस्तियों को लोगों को एलिवेटेड रोड व अतिक्रमण के नाम पर उत्पीड़ित कर रही है जिसे सहन नहीं किया जायेगा और इसमें कोई तकनीकी या व्यवहारिक दिक्कतें है तो मलिन बस्तियों को उजाडने से पहले वहां के लोगों को पुर्नवासित की समुचित व्यवस्था की जाए, जो भी बस्ती वासियों को ध्वस्तीकरण के नोटिस दिये गये है, उन्हें शीघ्र निरस्त किया जाये और यदि ऐसा नहीं किया गया तो हमें मजबूर होकर बस्ती वासियों को सचिवालय व मुख्यमंत्री का घेराव करने पर अपने अधिकारों के लिए विवश होना पड़ेगा।

 

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों तथा क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों, ज्येष्ठ उप प्रमुखों और कनिष्ठ उप प्रमुखों के पदों पर सामान्य निर्वाचन-2025 कराए जाने हेतु अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि इन पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 11 अगस्त तक होंगे। 12 अगस्त को नामांकन वापसी व 14 अगस्त को मतदान होगा। 14 अगस्त को ही मतगणना होगी।

आयोग की अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के समस्त जनपदों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इसके साथ ही इन जनपदों की समस्त जिला पंचायतों एवं क्षेत्र पंचायतों में आदर्श आचरण संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जो मतगणना समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।

भारत का संविधान के अनुच्छेद 243-ट में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, सुशील कुमार, राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखण्ड, एतद्वारा सचिव, पंचायती राज विभाग, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून की अधिसूचना संख्या-1126/XII (1)/2025/86(16)/2019 दिनांक 07 अगस्त, 2025 के क्रम में यह निर्देश देता हूँ कि उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जनपदों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) के जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन निम्नांकित विनिर्दिष्ट समय सारिणी के अनुसार सम्पन्न कराया जायेगा। इस निर्वाचन हेतु निर्वाचन प्रक्रिया जिला पंचायत मुख्यालय पर सम्पन्न होगीः-

जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) उपरोक्त निर्वाचन उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन और निर्वाचन विवादों का निपटारा) नियमावली, 1994 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) के नियम-5(2) के अन्तर्गत नियमावली में निर्धारित प्रपत्र-1 में सार्वजनिक नोटिस हिन्दी में अपने स्तर से दिनांक 07.08.2025 को जारी करेंगे तथा उसकी प्रति डाक द्वारा डाक में डाले जाने के प्रमाण पत्र के अधीन (अण्डर पोस्टल सर्टिफिकेट / पंजीकृत डाक) द्वारा सभी जिला पंचायत सदस्यों के अन्तिम ज्ञात पते पर भेजेंगे और निर्वाचन कार्यक्रम का स्थानीय समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार किया जायेगा। सार्वजनिक जानकारी हेतु क्षेत्र पंचायतों के मुख्यालय, जिला पंचायत, कार्यालय, तहसील कार्यालयों और जिलाधिकारी कार्यालय के सूचना पट्टों पर यह कार्यक्रम प्रदर्शित किया जायेगा। उक्त नियमावली के नियम 3(2) के अनुसार इस निर्वाचन के लिए जिलाधिकारी निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) होंगे।

उक्त निर्वाचन उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन और निर्वाचन विवादों का निपटारा) नियमावली, 1994 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) के अनुसार सम्पन्न होगा। यह निर्वाचन अनुपाती प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा जिसमें गुप्त मतदान कराया जायेगा।
जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन में प्रयोग किये जाने वाले मतपत्र उपरोक्त नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र 7 के अनुसार होंगे तथा विधिवत रूप से नामनिर्दिष्ट उम्मीदवारों के नाम मतपत्र में देवनागरी लिपि (हिन्दी) में उसी क्रम में दिये जायेंगे, जिस क्रम में वह नियम-12 के अधीन प्रकाशित विधिमान्य उम्मीदवारों की सूची में दिये गये हों। मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रेक्षक के प्रतिहस्ताक्षर के उपरान्त यथाशीघ्र परिणाम घोषित किया जायेगा और सूचना तत्काल आयोग को प्रेषित की जायेगी।
(सुशील कुमार) राज्य निर्वाचन आयुक्त।

भारत का संविधान” के अनुच्छेद 243-ट के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, सुशील कुमार, राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखण्ड, एतद्वारा सचिव, पंचायती राज विभाग, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून की अधिसूचना संख्या-1127/XII (1)/2025/86(16)/2019 दिनांक 07 अगस्त, 2025 के क्रम में यह निर्देश देता हूँ कि उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जनपदों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) की क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों, ज्येष्ठ उप प्रमुखों तथा कनिष्ठ उप प्रमुखों के पदों के निर्वाचन निम्नांकित विनिर्दिष्ट समय सारिणी के अनुसार कराये जायेंगेः-

यह निर्वाचन उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित) एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत (प्रमुख तथा उप प्रमुख का निर्वाचन और निर्वाचन विवादों का निपटारा) नियमावली, 1994 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) के अनुसार होंगे और इन निर्वाचनों में वही प्रक्रिया अपनायी जायेगी जो आयोग द्वारा निर्धारित एवं निर्देशित है।

जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग आफिसर) अपने जनपद की क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों, ज्येष्ठ उप प्रमुखों तथा कनिष्ठ उप प्रमुखों के पदों के निर्वाचन हेतु पूर्ण विवरण देते हुए अपने स्तर से नियमावली के नियम-6 (2) के अन्तर्गत सार्वजनिक सूचना दिनांक 07.08.2025 को जारी करेंगे और तद्क्रम में निर्वाचन अधिकारी नियमावली में निर्धारित प्रपत्र-1 में हिन्दी में नोटिस प्रसारित करेंगे। उक्त नोटिस जिला मजिस्ट्रेट, जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत कार्यालयों के सूचना पट्टों में प्रकाशित किया जायेगा और उसकी एक प्रति प्रत्येक सदस्य को उसके अन्तिम ज्ञात पते पर प्रमाणित डाक द्वारा/अन्डर पोस्टल सर्टिफिकेट द्वारा भेजी जायेगी। इस कार्यक्रम का जनपद में समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा।

यह निर्वाचन अनुपाती प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा जिसमें गुप्त मतदान कराया जायेगा। क्षेत्र पंचायत के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख एवं कनिष्ठ उप प्रमुख के निर्वाचन में प्रयोग किये जाने वाले मतपत्र उपरोक्त नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र-7 के अनुसार होंगे तथा विधिमान्य उम्मीदवारों के नाम मतपत्र में देवनागरी लिपि में (हिन्दी में) होंगे और उसमें निर्वाचन लडने वाले उम्मीदवारों के नाम वर्णमाला क्रम में उसी क्रम में दिये जायेगे, जिस क्रम में वह नियम-13 के अधीन प्रकाशित निर्वाचन लडने वाले विधिमान्य उम्मीदवारों की सूची में हों। उपरोक्तानुसार निर्वाचन की समस्त प्रक्रिया संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालय पर सम्पन्न होगी और मतदान के पश्चात् मतगणना कराकर निर्वाचन परिणाम निर्वाचन अधिकारी (Returning Officer) द्वारा यथाशीघ्र घोषित किये जायेंगे।
उपरोक्त निर्वाचनों के संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट, निर्वाचन अधिकारी होंगे। निर्वाचन अधिकारी (Returning Officer) अपने कृत्यों के सम्पादन में अपनी सहायता के लिये उक्त नियमावली के नियम-5 के अनुसार एक या अधिक व्यक्तियों को सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकते हैं।
(सुशील कुमार) राज्य निर्वाचन आयुक्त।

देहरादून। प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) के सामान्य निर्वाचन-2025 हेतु शासन के कार्यालय आदेश/विज्ञप्ति संख्या-1088/XII(1)/2025/86(22)2019, दिनांक 01 अगस्त 2025 के माध्यम से प्रकाशित अध्यक्ष, जिला पंचायत के अनंतिम आरक्षण प्रस्ताव के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का सम्यक परीक्षण एवं निस्तारण किया गया।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 243(D) के अंतर्गत प्रदत्त प्रावधान, उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (सपठित उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश, 2025) की धारा 92(क) तथा उत्तराखंड ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) नियमावली, 2025 में वर्णित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश की जिला पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में अध्यक्ष पद हेतु अंतिम आरक्षण निम्नवत् तालिका अनुसार निर्धारित किया गया है