देहरादून। सिविल सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राजधानी देहरादून में करनपुर स्थित प्रयाग IAS अकादमी ने ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को विस्तार देते हुए नए बैच शुरू किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उन विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाना है, जो आर्थिक, सामाजिक अथवा भौगोलिक कारणों से बड़े शहरों में रहकर कोचिंग प्राप्त नहीं कर पाते।
अकादमी चेयरमैन आर ए खान के अनुसार वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सही दिशा, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन बेहद आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले छात्र समान गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकें। खान के अनुसार ऑनलाइन बैचों में सिविल सेवा, राज्य लोक सेवा आयोग तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से पढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के साथ-साथ अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट और परीक्षा रणनीति भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल माध्यम ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। खासकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि छात्रों को अपने घर के वातावरण में रहकर बेहतर तैयारी करने का अवसर भी मिलता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह पहल उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण मानी जा रही है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे हैं।अकादमी का दावा है कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी शिक्षकों के संयोजन से विद्यार्थियों को परीक्षा उन्मुख तैयारी कराई जाएगी, जिससे उनके चयन की संभावनाएं और अधिक मजबूत होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन डिजिटल माध्यम से निरंतर उपलब्ध कराया जाए तो छोटे शहरों और गांवों के प्रतिभाशाली युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे प्रयास शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुलभ और प्रभावी बनाने की इस पहल से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है।










