10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाएगी सरकार, प्रदेश में चार मेगा रोजगार मेलों का होगा आयोजन 

Astitva Times Desk
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श्रीनगर-देहरादून से काशीपुर- अल्मोड़ा तक जुटेंगी देशभर की नामी कंपनियां, युवाओं को सीधे मिलेगा रोजगार का मौका,पॉलीटेक्निक- आईटीआई से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के युवाओं को भी अवसर, एक सप्ताह में शुरू होगा नि:शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण

देहरादून। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब प्रदेशभर में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित कर 10 हजार युवाओं को निजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने की तैयारी में जुट गई है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से अगले चार माह के भीतर चार मेगा रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।

गढ़वाल में श्रीनगर और देहरादून, जबकि कुमाऊं में काशीपुर और अल्मोड़ा को इसके लिए चुना गया है।इन रोजगार मेलों में देशभर की नामी निजी एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बुलाया जाएगा। खास बात यह है कि रोजगार का दायरा केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। पॉलीटेक्निक, आईटीआई और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के पासआउट और अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालयी शिक्षा के व्यावसायिक पाठ्यक्रम कर चुके युवाओं को भी नौकरी का मौका मिलेगा। उच्च शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को भी कंपनियों के समक्ष अपनी योग्यता दिखाने का अवसर दिया जाएगा।

 

एक सप्ताह में खुलेगा रजिस्ट्रेशन का पोर्टल
विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने शनिवार को अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को रोजगार मेलों की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए युवाओं को किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। तकनीकी शिक्षा विभाग एक सप्ताह के भीतर नि:शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करेगा। ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए युवाओं का शैक्षणिक, तकनीकी और कौशल संबंधी विवरण लिया जाएगा। इसके बाद उनकी योग्यता के अनुरूप कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

सरकार ने रोजगार मेलों के लिए दोनों मंडलों में दो-दो स्थान तय किए हैं। गढ़वाल मंडल में श्रीनगर और देहरादून तथा कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। विभाग की कोशिश है कि इन मेलों में अधिक से अधिक कंपनियां शामिल हों और एक ही स्थान पर युवाओं को विभिन्न रोजगार विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें। डाॅ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोजगार मेलों की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर समन्वय किया जाए।

चार विभाग मिलकर खोलेंगे रोजगार के दरवाजे
रोजगार मेलों को व्यापक बनाने के लिए विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन और कौशल विकास विभाग भी तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। मेलों की तिथियां, कंपनियों की भागीदारी और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर है। उनके अनुसार सरकार अब तक 42 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा चुकी है। इसमें स्थायी नियुक्तियों के साथ संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार पाने वाले कार्मिक भी शामिल हैं।

मंत्री ने विभागीय कामकाज और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए हर विभागीय मुख्यालय में मीडिया सेल गठित करने के निर्देश भी दिए। मीडिया सेल में आईटी और तकनीकी रूप से दक्ष तीन कार्मिकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। यह सेल विभागीय वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से अपडेट करेगा। साथ ही सरकारी योजनाओं, उपलब्धियों, विकास कार्यों और नवाचारों की जानकारी विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आम जनता तक पहुंचाएगा। सरकार का जोर अब विभागीय गतिविधियों की जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित करने पर भी है।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव तकनीकी शिक्षा डाॅ. रंजीत सिन्हा, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे, संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा देवेन्द्र गिरी, संयुक्त सचिव आईआरडीटी मुकेश पाण्डेय, उप निदेशक एस.के. वर्मा, महेन्द्र सिंह कन्याल, अभिषेक कुमार सिंह और सचिन कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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