धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी अनुदान, हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार को मंजूरी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण विकास, श्रमिक हित, शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने जहां पशुपालकों के लिए गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाया, वहीं गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया।


महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा। साथ ही लाभार्थी गाय के अलावा भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में लगभग 2128 पशुपालक इस योजना से लाभान्वित होंगे।
उच्च न्यायालय परिसर निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचैड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार करीब 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।


मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को लागू करने का निर्णय लिया है। नई नियमावली के तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल भुगतान और समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर पर्यावरण संरक्षण, कूड़ा प्रबंधन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत बनाया जाएगा।
जीएसटी अधिनियम में संशोधन का निर्णय
केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय प्रावधानों के अनुरूप बनी रहे।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पद स्वीकृत
गौलापार स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा आवश्यक तकनीकी एवं सहायक सेवाओं के लिए आउटसोर्स व्यवस्था भी की जाएगी।
सहकारी समितियों में संशोधन
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटाने का निर्णय लिया गया है।
जल जीवन मिशन योजनाओं के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू किया जाएगा। इससे योजनाओं के संचालन और रखरखाव में पारदर्शिता आएगी।


वन विकास निगम में भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी
उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 के तहत स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति प्रदान की है। इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी मंजूरी
औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें औद्योगिक विवादों के निस्तारण, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण व्यवस्था और श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, श्रमिक हितों की रक्षा करने और राज्य में आधारभूत विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।