देहरादून। राजधानी देहरादून में काठ बंगला नागल पुल पर आयोजित एक सभा में स्थानीय लोगों, मजदूरों और सामाजिक संगठनों ने बस्तीवासियों के अधिकार, मजदूरों के पंजीकरण और प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया। सभा में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर गरीबों की बस्तियों को उजाड़ना और शहर को संकट में डालना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2016 के अधिनियम के तहत बस्तीवासियों को आवास और पुनर्वास के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए, लेकिन सरकार लगातार इन अधिकारों की अनदेखी कर रही है। कांठ बंगला बस्ती के जबरन विस्थापन के खिलाफ चल रहे जनसंघर्ष की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक बस्ती की नहीं, बल्कि पूरे शहर के गरीब और मेहनतकश लोगों के अस्तित्व की लड़ाई है। सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 30 तारीख को “दून समग्र विकास अभियान” के बैनर तले आयोजित होने वाले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अपने हकों की आवाज बुलंद करेंगे।
वक्ताओं ने पिछले दस वर्षों में सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए कहा कि शहर की मूल समस्याओं का समाधान करने के बजाय एलिवेटेड रोड जैसी विनाशकारी परियोजनाओं को थोपा जा रहा है। उनका कहना था कि इस परियोजना से न केवल बस्तियां और स्थानीय आबादी प्रभावित होगी, बल्कि देहरादून का पर्यावरण और सामाजिक ढांचा भी गंभीर संकट में पड़ जाएगा।
सभा में बढ़ती महंगाई और गैस की किल्लत से मजदूरों पर पड़ रहे असर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। लोगों ने सवाल किया कि निर्माण मजदूर बोर्ड और प्रशासन मजदूरों के पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों को लेकर आखिर क्यों निष्क्रिय बने हुए हैं। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
इन सभी मुद्दों को लेकर आंदोलन को और तेज करने का प्रस्ताव सभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभा में चेतना आंदोलन के राजेंद्र शाह, शंकर गोपाल, शैलेश गुप्ता, राम सिंह, शमशेर, तिलक, रमन, स्वाति, बीना देवी, मंजू देवी, अमन कुमार, राजेन्द्र, लक्ष्मी, सुरेश, दिनेश गुप्ता भयंकर भाई, दीपक, आशा रौंछेला, सत्यवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।












