बुजुर्ग महिला की भूमि पर अवैध रूप से चल रहा गैस गोदाम सीज़

MS Malik
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अस्तित्व टाइम्स

लीज समाप्त होने के बाद भी संचालित हो रहा था गैस गोदाम, प्रशासन ने किया सील, तीन दिन में अभिलेख प्रस्तुत न किये जाने पर निरस्त होगा लाईसेंस

चुप्पी साघे रहे भारतीय पेट्रोलियम विभाग, एवं विस्फोटक तंत्र के जिम्मेदार अधिकारी की संलिप्तता सामने आने पर होगी कार्यवाही: डीएम

देहरादून। जिला प्रशासन की टीम द्वारा शुक्रवार तड़के रायपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गैस गोदाम पर बड़ी कार्यवाही करते हुए गोदाम को सीज कर दिया। लीज समाप्त होेने के बाद भी वर्षों से संचालित किया जा रहा था गैस गोदाम। मामला जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आते ही जांच बिठाई गई थी। उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी को सम्बन्धित विभागों से समन्वय करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिपेक्ष्य में आज जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम द्वारा इस पर कार्यवाही की गई। जिला प्रशासन के इस त्वरित एक्शन से जहां एक 95 वर्षीय बुर्जुग महिला फरियादी को न्याय मिल गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल के जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम में गढीकैंट निवासी 95 वर्षीय महिला ने उनकी भूमि पर अवैध रूप से संचालित गैस गोदाम होने तथा भूमि कब्जे की शिकायत की गई थी। प्रकरण संज्ञान में आते ही डीएम ने अवैध गैस गोदाम का लाईसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। तथा शिकायती पत्र में उल्लिखित अन्य समस्त बिन्दुओं पर विस्तृत जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश राजस्व विभाग को दिए गए।
डीएम ने अवैध रूप से संचालित हो रहे गैस गोदाम का अविलम्ब लाईसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पूछा कि इतने लम्बे समय से जिम्मेदार विभागों ने क्यों नही की, विभागीय अधिकारियों के प्रकरण पर संज्ञान न लिए जाने पर हैरानगी जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी एवं नियम कहां थे क्यों नही लिया गया सख्त एक्शन। अवैधरूप से संचालित गैस गोदाम का लाईसेंस निरस्त करने की तैयारी, अविलम्ब लाईसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।

महिला ने अपनी शिकायत पत्र के माध्यम से बताया कि रायपुर में उनकी स्थिति को देखते हुए रांझावाला रायपुर में उनकी 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर भूमाफिया की नजर है। इस अवैध कब्जा कर गैस एजेंसी का संचालन किया जा रहा है। उनके पति द्वारा वर्ष 1988 में 10 वर्ष की लीज पर गैस गोदाम संचालित करने के लिए दिया गया था, जिसकी लीज समाप्त होने के बाद भी वर्ष 2000 से किराया देना बंद कर दिया तथा अभिलेखों में हेरफेर कर भूमि अपने नाम कर दी प्रकरण को गंभीरता से लेते डीएम ने स्पष्ट जांच के साथ उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देशों के क्रम में पूर्ति विभाग द्वारा स्टेट लेबल कॉर्डिनेटर (एलपीजी), क्षेत्रीय प्रबन्धक भारत पैट्रोलियम एलपीजी लंढौरा रूड़की, विस्पोटक नियंत्रक इन्दिरानगर को कार्यवाही के निर्देश दिए है।

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