9 से 21 अक्टूबर तक आईटी पार्क डांडा लखोंड में गूंजेगा प्रभु श्रीराम का जयघोष, रामजन्म से लेकर राजतिलक तक जीवंत होंगी रामायण की दिव्य लीलाएं
देहरादून। क्षेत्रीय सांस्कृतिक रामकला एवं समाज कल्याण समिति (रजि.), डांडा लखोंड, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के तत्वावधान में 32वां श्री रामलीला महोत्सव-2026 इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। 9 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
रामलीला महोत्सव का आयोजन रामलीला ग्राउंड, पंचायत भवन, डांडा खुदाने वाला, सहस्त्रधारा रोड, आईटी पार्क के निकट, देहरादून में होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया है।
रामलीला महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार, मर्यादा, भाईचारे और सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। 13 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रामजन्म, सीता स्वयंवर, राम विवाह, वनवास, सीता हरण, लंका दहन, रावण वध और अंत में भरत मिलाप एवं श्रीराम राज्याभिषेक जैसे भावपूर्ण प्रसंगों का मंचन दर्शकों को धर्म और मर्यादा का संदेश देगा।
देखें; 32वें रामलीला महोत्सव का पूरा कार्यक्रम
9 अक्टूबर, शुक्रवार — रामजन्म से कैलाश लीला तक
महोत्सव के प्रथम दिन रावण तप लीला, कैलाश लीला, श्रीराम जन्म, ताड़का वध तथा अहिल्या उद्धार का मंचन किया जाएगा। प्रभु श्रीराम के जन्म का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
10 अक्टूबर, शनिवार — पुष्प वाटिका और श्रीराम विवाह
दूसरे दिन पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद तथा श्रीराम विवाह की मनोहारी लीला प्रस्तुत की जाएगी। श्रीराम-सीता विवाह का भव्य मंचन धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाएगा।
11 अक्टूबर, रविवार — श्रीराम वनवास
इस दिन श्रीराम वनवास लीला का मंचन होगा। पिता के वचन की मर्यादा निभाते हुए भगवान श्रीराम के वनगमन का भावपूर्ण प्रसंग दर्शकों को त्याग, कर्तव्य और संस्कार का संदेश देगा।
12 अक्टूबर, सोमवार — अवकाश
रात्रि लीला बंद रहेगी।
13 अक्टूबर, मंगलवार — केवट लीला से राम-भरत मिलाप तक
इस दिन केवट लीला, दशरथ मरण, भरत संताप तथा राम-भरत मिलाप का मंचन होगा। विशेष रूप से राम और भरत के मिलाप का भावुक प्रसंग दर्शकों को भाईचारे, त्याग और प्रेम की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करेगा।
14 अक्टूबर, बुधवार — सीता हरण और शबरी भेंट
इस दिन सीता हरण, जटायु उद्धार तथा शबरी भेंट की लीला होगी। भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति एवं प्रेम का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक आकर्षण रहेगा।
15 अक्टूबर, गुरुवार — सुग्रीव मित्रता से लंका दहन तक
मंचन में सुग्रीव मित्रता, बाली वध तथा लंका दहन के रोमांचक प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। हनुमान जी की वीरता और श्रीराम के धर्मयुद्ध की कथा दर्शकों में उत्साह का संचार करेगी।
16 अक्टूबर, शुक्रवार — अवकाश
रात्रि लीला बंद रहेगी।
17 अक्टूबर, शनिवार — रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति
इस दिन रावण-अंगद संवाद तथा लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन होगा। धर्म और अधर्म के बीच निर्णायक संघर्ष की ओर बढ़ती रामकथा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
18 अक्टूबर, रविवार — कुंभकर्ण वध और मेघनाद वध
इस दिन कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध तथा सुलोचना सती जैसे मार्मिक और वीरतापूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।
19 अक्टूबर, सोमवार — अहिरावण वध और रावण वध
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण अहिरावण वध एवं रावण वध रहेगा। बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देने वाला यह मंचन रामलीला के सबसे महत्वपूर्ण प्रसंगों में शामिल होगा।
20 अक्टूबर, मंगलवार — अवकाश
रात्रि लीला बंद रहेगी।
21 अक्टूबर, बुधवार — भव्य समापन
रामलीला महोत्सव का समापन श्री भरत मिलाप तथा श्रीराम राज्याभिषेक की भव्य लीला के साथ होगा। प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष भावनात्मक एवं आध्यात्मिक आकर्षण रहेगा।
संस्कृति और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
आयोजक श्री क्षेत्रीय सांस्कृतिक रामकला एवं समाज कल्याण समिति (रजि.) द्वारा लंबे समय से रामलीला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य रामायण के आदर्शों—सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य, मर्यादा, भाईचारा और सामाजिक समरसता—को जन-जन तक पहुंचाना है।
समिति की ओर से बताया गया कि रामलीला महोत्सव में क्षेत्र के श्रद्धालुओं के साथ-साथ देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
स्थान: रामलीला ग्राउंड, पंचायत भवन, डांडा खुदानेवाला, आईटी पार्क के निकट, देहरादून (उत्तराखंड)।
आयोजक:
श्री क्षेत्रीय सांस्कृतिक रामकला एवं समाज कल्याण समिति (रजि.)
डांडा लखोंड, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून, उत्तराखंड
“आइए, प्रभु श्रीराम की मर्यादा, संस्कृति और आदर्शों से जुड़ें—रामलीला महोत्सव में परिवार सहित पधारें और धर्म, संस्कार व सामाजिक एकता के इस महापर्व का हिस्सा बनें।”












