मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, भाजपा संग मिलकर बनाएंगे सरकार

MS Malik
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नई दिल्ली। बिहार में सियासी उलटफेर की अटकलें एक बार फिर सही साबित हुईं। नीतीश कुमार ने आज वही किया, जिसका पिछले दिनों से अंदाजा लगाया जा रहा था। आज सुबह उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि वे महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर चुके हैं।

JDU का भाजपा से गठबंधन तय है। माना जा रहा है कि जल्द ही विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपकर आज शाम ही नीतीश मुख्यमंत्री पद की शपथ ले लेंगे। विधानसभा में भाजपा के 78, जदयू के 45 और हम के 4 विधायक हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में तीनों दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 127 होता है, जो बहुमत के 122 के आंकड़े से पांच ज्यादा है। नजरें राजद और खासकर लालू प्रसाद और तेजस्वी के बयानों पर रहेंगी। अतीत में जब नीतीश ने राजद से नाता तोड़ा था, तब आपसी तल्खी चरम पर पहुंच गई थी।

बिहार में सियासी संकट पर से पर्दा हटता जा रहा है। जेडीयू के ही दिग्गज नेता गोपाल मंडल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सबकुछ सेट हो गया है। अब हमलोग बीजेपी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। उन्होंने इस दौरान अंदर की बातें भी बताई। उन्होंने आरजेडी पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी से कोई फर्क नहीं पड़ता। जेडीयू के दिग्गज नेता ने कहा कि नीतीश कुमार बीजेपी के साथ सरकार बनाने जा रहे
बिहार में जेडीयू के दिग्गज नेता गोपाल मंडल ने कहा कि बीजेपी के साथ गेम सेट हो गया है।
गोपाल मंडल ने कहा कि हमलोग जल्द ही बीजेपी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में उथल-पुथल और लुकाछिपी अब खत्म हो गई, सबकुछ अब सेट हो गया है। हम भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। हमारे साथ कांग्रेस के भी साथी आएंगे। यह बातें गोपालपुर के जदयू विधायक एवं सचेतक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने शनिवार काे कही। विधायक मंडल ने एक सवाल पर कहा कि नीतीश कुमार तो भाजपा के साथ नहीं जाने की बात कही थी, क्या हुआ। उनका जवाब था कि हमारे नेता क्या करते।

नीतीश कुमार को इंडी गठबंधन में कोई नहीं पूछ रहा था: मंडल
जिस इंडिया गठबंधन की नींव उन्होंने रखी। उसमें नीतीश कुमार को कोई पूछ नहीं रहा था। बात तो प्रधानमंत्री प्रत्याशी तक बनाने की थी लेकिन संयोजक तक बनाने में कांग्रेस नेतृत्व कतरा रहा था। जिस खड़गे को कोई जानता नहीं था, उसे आगे किया गया। ऐसे में नीतीश कुमार क्या करते।

राजद दबाव बना रही थी: मंडल
गोपाल मंडल ने कहा कि इधर राजद की तरफ से उनपर दबाव बनाया जा रहा था। हमारे नेता को एक सीमा तक झुकाया जा सकता। अभी उन्हें सूबे के लिए बहुत कुछ करना था।

अंदर ही अंदर खिचड़ी पकाई जा रही थी
लेकिन अंदर ही अंदर कुछ और खिचड़ी पकाई जा रही थी। इसलिए सुशासन की सरकार देने के लिए भाजपा के साथ जाना जरूरी समझा। विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि उन्हें भी पटना बुलाया गया है। जदयू-भाजपा जब एक हो जाएंगे तो कैसा खतरा। सरकार बेहतर चलेगी।

जदयू-बीजेपी गठबंधन होने से कानून व्यवस्था बेहतर होगी
विधायक ने कहा कि जदयू-बीजेपी गठबंधन होने से राजद की नाराजगी का कोई असर नहीं होगा। विधि-व्यवस्था बेहतर रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की तैयारी वह खुद बीते एक साल से कर रहे हैं।भागलपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने का दावा उन्होंने करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर जता चुके हैं। फिर एक बार मिलकर उन्हें अपनी दावेदारी देंगे। क्योंकि भागलपुर सीट हम ही गठबंधन की झोली में ला सकते हैं।

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