देहरादून। विधायक जी को एक पुरानी विंटेज (मोरिस) कार बेचने का झांसा देकर साढ़े चार लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि पूरी रकम लेने के बाद आरोपी ने न केवल कार देने से इनकार कर दिया, बल्कि फोन पर यह भी स्वीकार किया कि उसने कार बेचने का केवल बहाना बनाया था और धोखाधड़ी कर रकम ऐंठी है। मामले में राजधानी देहरादून की राजपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार विधायक उमेश कुमार के देहरादून स्थित कार्यालय के प्रबंधक असद खान ने राजपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि अगस्त 2025 में विधायक के व्हाट्सएप नंबर पर एक पुरानी मोरिस विंटेज कार बेचने का संदेश प्राप्त हुआ था। यह संदेश रांची निवासी ख्वाजा मोटर्स के संचालक ख्वाजा हुसैन की ओर से भेजा गया था। आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से कार की कई तस्वीरें और वीडियो भेजे तथा स्वयं को वाहन का मालिक बताते हुए कार बेचने की पेशकश की। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच कार का सौदा 4 लाख 50 हजार रुपये में तय हुआ। कार की डिलीवरी देहरादून में देने की बात भी तय की गई थी।
विश्वास में आकर विधायक की ओर से आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए फेडरल बैंक खाते में कई किश्तों में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी गई। शिकायत के अनुसार 11 अगस्त और 22 अगस्त 2025 को 50-50 हजार रुपये, 27 अक्टूबर को दो लाख रुपये तथा 7 नवंबर 2025 को डेढ़ लाख रुपये आरोपी के खाते में भेजे गए। इस प्रकार कुल 4.50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि पूरी रकम प्राप्त होने के बाद आरोपी का रवैया अचानक बदल गया। जब उससे कार को देहरादून भेजने के लिए कहा गया तो उसने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, फोन पर बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि कार बेचने की उसकी कोई मंशा नहीं थी और उसने धोखे से पैसे हासिल किए हैं। इसके बाद आरोपी ने रकम लौटाने से भी मना कर दिया और फोन उठाना बंद कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक कार्यालय की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। राजपुर थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि आरोपी ख्वाजा हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार मामले की तह तक पहुंचने के लिए जल्द ही एक टीम झारखंड भेजी जा सकती है। जांच के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण को साइबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी के दृष्टिकोण से भी खंगाल रही है।











