देहरादून में अल्पसंख्यक समाज की उभरती नई राजनीतिक ताकत, कांग्रेस में तेजी से बढ़ रहा अंसारी परिवार का कद
हाजी सुलेमान अंसारी के पुत्र एडवोकेट अकरम अंसारी ने यूथ कांग्रेस में प्रदेश महासचिव पद पर दर्ज की शानदार जीत
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मेहुवाला माफी क्षेत्र से आने वाला अंसारी परिवार इन दिनों कांग्रेस की राजनीति में तेजी से उभरती हुई ताकत के रूप में सामने आ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हाजी सुलेमान अंसारी का प्रभाव अब केवल अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पार्टी संगठन के भीतर भी उनका कद लगातार मजबूत होता जा रहा है।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य के नेतृत्व में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरूआत की। वर्ष 2014 में सुलेमान अंसारी ने ग्राम प्रधान का चुनाव जीतकर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ का एहसास कराया। उसके बाद उन्होंने और अधिक सक्रियता से संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और प्रदेश कांग्रेस के सचिव के रूप में भी सक्रियता से काम किया। उन्होंने लगातार संगठन और समाज के बीच सक्रिय रहकर अपनी अलग पहचान बनाई।
अंसारी परिवार की राजनीतिक पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले नगर निगम चुनाव में हाजी सुलेमान अंसारी ने परिवार की बहु तरन्नुम को पार्षद पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा और तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अच्छे खासे अंतर से उन्हें जीत दिलाकर अपनी राजनीतिक ताकत का एक और उदाहरण पेश किया।
पार्टी के प्रति उनकी मेहनत, संगठन के लिए समर्पण और समाज में मजबूत पकड़ को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने हाल ही में उन्हें उत्तराखंड में अल्पसंख्यक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
इसके साथ ही मंगलवार को घोषित हुए उत्तराखंड यूथ कांग्रेस चुनाव परिणामों में उनके पुत्र एडवोकेट अकरम अंसारी ने शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि अंसारी परिवार अब उत्तराखंड की राजनीति में एक मजबूत और उभरती हुई राजनीतिक ताकत बन चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तेजी से अंसारी परिवार का प्रभाव बढ़ रहा है, आने वाले समय में यह परिवार कांग्रेस की प्रदेश राजनीति में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
देहरादून। कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देहरादून के मेहुवाला निवासी पूर्व प्रधान हाजी सुलेमान अंसारी को अल्पसंख्यक कांग्रेस उत्तराखंड का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। हाजी सुलेमान अंसारी लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं। देहरादून जिले में उनकी मजबूत पकड़ के साथ ही हरिद्वार जिले में भी उनका प्रभाव माना जाता है।संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड, विशेषकर देहरादून और हरिद्वार जिलों में मुस्लिम मतदाताओं का रुझान हाल के वर्षों में भीम आर्मी और एआईएमआईएम की ओर बढ़ता दिखाई दिया है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अल्पसंख्यक वर्ग को पुनः पार्टी से जोड़ने की चुनौती है। हाजी सुलेमान अंसारी की नियुक्ति को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और अल्पसंख्यक समाज के बीच संवाद बढ़ाने की योजना बना रही है। हाजी सुलेमान अंसारी से अपेक्षा की जा रही है कि वे प्रदेशभर में दौरे कर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
नियुक्ति के बाद हाजी सुलेमान अंसारी ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की मजबूती और अल्पसंख्यक समाज की आवाज को बुलंद करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह दल है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की विचारधारा पर विश्वास करता है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश सचिव रमेश कुमार मंगू, पूर्व पार्षद और पार्टी के वरिष्ठ नेता हरि प्रसाद भट्ट, पूरन सिंह रावत समेत वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में अल्पसंख्यक कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी और पार्टी को मजबूती मिलेगी। राजनीतिक दृष्टि से यह नियुक्ति कांग्रेस के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसके परिणाम आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में देखने को मिल सकते हैं।



















