नई दिल्ली। लंबे समय से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहसों में सक्रिय रहे एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह एक पुराने अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था और पिछले करीब 25 वर्षों से फरार चल रहा था।
फोटो: सलीम वास्तविक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान बताया जा रहा है। उस पर वर्ष 1995 में दिल्ली के गोकुलपुरी क्षेत्र में एक व्यापारी के नाबालिग बेटे के अपहरण और हत्या का आरोप था। इस मामले में अदालत ने 1997 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में वर्ष 2000 में वह जमानत/पेरोल पर जेल से बाहर आया, लेकिन वापस नहीं लौटा और तभी से फरार घोषित कर दिया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जिलों—शामली, मेरठ और गाजियाबाद—में वर्षों तक निवास किया। इस दौरान उसने नई पहचान के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रियता बढ़ाई और यूट्यूब के माध्यम से चर्चित हुआ।
इसी बीच हाल के दिनों में उस पर जानलेवा हमला होने की घटना भी सामने आई थी। इस हमले के बाद संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, अब तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि सुरक्षा देते समय उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुराने रिकॉर्ड और पहचान से जुड़े सुरागों के आधार पर लोनी क्षेत्र में दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसने किन नामों और दस्तावेजों का उपयोग किया तथा किन लोगों ने उसे शरण या सहयोग दिया। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, क्योंकि जो व्यक्ति सार्वजनिक रूप से एक यूट्यूबर और सामाजिक टिप्पणीकार के रूप में जाना जा रहा था, वही एक पुराने हत्या मामले में सजायाफ्ता और फरार अपराधी निकला। पुलिस आगे की पूछताछ में उसके फरारी नेटवर्क और बीते वर्षों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।












