80 वर्षीय बुजुर्ग ने ऑनलाइन आशिकी के चक्कर में गंवाए 8.7 करोड़ रुपए!

Astitva Times Desk
4 Min Read

 

खबर जितनी अविश्वसनीय लगती है दरअसल उतनी ही सच बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मुंबई में एक 80 साल के बुजुर्ग को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन मोहब्बत के नाम पर करीब 9 करोड़ रुपये ठग लिए गए. यह धोखा अप्रैल 2023 से जनवरी 2025 के बीच हुआ, जिसमें बुजुर्ग ने कुल 734 बार पैसे ट्रांसफर किए. सोशल मीडिया की आड़ में इस तरह के ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जो बुजुर्गों और मासूम लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं.आप भी कहीं किसी खेल में फंस न जाएँ इसके लिए ये खबर ज़रूर पढ़ लें।

फेसबुक से शुरू हुई धोखाधड़ी
इस पूरे कांड की शुरुआत हुई तब जब बुजुर्ग ने फेसबुक पर ‘शार्वी’ नाम की एक महिला को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. शुरुआत में शार्वी ने रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने खुद बुजुर्ग को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा. बातचीत धीरे-धीरे गहरी हुई और वे व्हाट्सऐप पर भी जुड़ गए. शार्वी ने खुद को एक तलाकशुदा महिला और दो बच्चों की मां बताया, जो मुश्किल हालात से गुजर रही थी।

शार्वी ने कई बार बच्चों की बीमारी और घर की आर्थिक तंगी के नाम पर पैसों की मांग की. बुजुर्ग हर बार मदद के लिए तैयार हो गए. कुछ वक्त बाद कहानी में ‘कविता’ नाम की एक और महिला भी आई, जिसने अश्लील मैसेज भेजकर बुजुर्ग को फंसाने की कोशिश की. कविता ने भी बीमार बच्चे और इलाज का बहाना बनाकर पैसे लिए।

धमकी और फर्जी मौत का ड्रामा
जब बुजुर्ग ने पैसों की वापसी की मांग की तो ‘दिनाज़’ नाम की महिला ने धमकी दी. दिनाज़ ने खुद को शार्वी की बहन बताया और दावा किया कि शार्वी अब इस दुनिया में नहीं रही. मरने से पहले शार्वी ने अस्पताल का बिल चुकाने की इच्छा जताई. दिनाज़ ने व्हाट्सऐप पर फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजे. इसके बाद ‘जैस्मीन’ नाम की महिला भी आई, जिसने दिनाज़ की दोस्त बनकर फिर से पैसों की गुहार लगाई.अप्रैल 2023 से जनवरी 2025 तक बुजुर्ग ने लगभग 8.7 करोड़ रुपये 734 बार ट्रांसफर किए. जब उनकी सारी जमा पूंजी खत्म हो गई, तो उन्होंने अपने परिवार से भी उधार मांगा. बेटे को शक हुआ और उसने सच जाना।

जब धोखाधड़ी का पता चला तो बुजुर्ग को गहरा सदमा लगा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. डॉक्टरों ने बताया कि बुजुर्ग को डिमेंशिया नामक बीमारी है, जो याददाश्त और समझदारी को प्रभावित करती है। 22 जुलाई 2025 को बुजुर्ग ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन ‘1930’ पर शिकायत की और 6 अगस्त को FIR दर्ज हुई. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है. चार महिलाओं के नाम सामने आए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि ये सभी असली ठग नहीं बल्कि एक ही ठग की चालबाजी हो सकती है.आप भी ऐसी किसी फ्रेंड रिक्वेस्ट पर भरोसा मत कर लीजियेगा जिसको न आप जानते हैं और न ही कभी मिले हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!