देहरादून। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के फील्ड असेसमेंट की तैयारियों के तहत सोमवार को देहरादून नगर निगम सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला की अध्यक्षता महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल (आईएएस) ने की। कार्यशाला में अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को स्वच्छ सर्वेक्षण के विभिन्न मानकों, ओडीएफ (ODF) प्रमाण पत्र और गार्बेज फ्री सिटी (GFC) स्टार रेटिंग से संबंधित जानकारी दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों को शहर की वर्तमान स्थिति और आगामी फील्ड असेसमेंट के लिए आवश्यक तैयारियों के बारे में अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए नगर निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। इस संबंध में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वेस्ट वारियर्स सोसायटी के सदस्यों ने मॉडल वार्ड संख्या 97 (हर्रावाला) में संचालित कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर प्रस्तुति दी। इसमें घर-घर कचरा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, जन-जागरूकता गतिविधियों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से प्राप्त सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही इस मॉडल को अन्य वार्डों में लागू करने के सुझाव भी दिए गए।
इस अवसर पर नगर निगम देहरादून ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत शहर में स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सात नए ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किए। नियुक्त किए गए ब्रांड एंबेसडरों में नवीन कुमार सडाना, देवेंद्र पाल सिंह “मोंटी”, भारत शर्मा, आरिफ खान, डॉ. विजय श्रीधर, डॉ. अमल शंकर शुक्ला और रजत शक्ति शामिल हैं। सभी को नियुक्ति सह सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर नगर आयुक्त नमामि बंसल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। वहीं महापौर सौरभ थपलियाल ने स्वच्छता को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान, वेस्ट वारियर्स एनजीओ के प्रतिनिधि, मुख्य सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य और नगर निगम के अन्य अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित रहे।












