देहरादून में सराफ व्यापारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सोना नहीं खरीदने” की अपील के विरोध में निकाले जा रहे केंडल मार्च को अब कांग्रेस का भी खुला समर्थन मिल गया है। कांग्रेस महानगर व्यापार प्रकोष्ठ ने इस आंदोलन को व्यापारियों की जायज आवाज बताते हुए कहा कि सरकार को व्यापार और बाजार व्यवस्था को प्रभावित करने वाले फैसलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि सराफ व्यापारियों की चिंाएं पूरी तरह उचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की लगातार बदलती नीतियों और बयानों से व्यापारियों के बीच असमंजस और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों के साथ खड़ी रही है और देहरादून के सराफ व्यापारियों द्वारा निकाले जा रहे शांतिपूर्ण केंडल मार्च का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनका सीधा असर बाजार और व्यापार पर पड़े।
पूर्व विधायक राजकुमार ने भी व्यापारियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ छोटे व्यापारी और कारोबारी हैं, लेकिन केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण व्यापारी वर्ग लगातार दबाव महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सोने के व्यापार से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका इस कारोबार पर निर्भर है और सरकार को उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
कांग्रेस महानगर व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील बांगा ने कहा कि सराफ व्यापारियों का केंडल मार्च लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को बार-बार आर्थिक दबाव और अनिश्चितता में डालने वाली नीतियों से बाजार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बांगा ने कहा कि कांग्रेस महानगर व्यापार प्रकोष्ठ इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देता है और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने सरकार से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए संवाद स्थापित करने की मांग की।
इस दौरान व्यापारी नेता और कारोबारी वर्ग के कई लोग मौजूद रहे, जिनमें मनीष गर्ग, वीरेंद्र बिष्ट, हिमांशु बिष्ट, आमिर खान, रजत कुमार, प्रवीण बांग्ला, राम कपूर, अजीत सिंह, चमन लाल, गुरुनेन सिंह, असरेज अली, दीक्षांत कुमार, शाहिद सिद्दीकी, महेश राशिद, राज, पप्पू सिंह, आमिर मुन्ना, महेश शंकर, राजू, आबिद, सागर, राजकुमार, अमजद, जुनैद और राजेंद्र सिंह घई सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करना देश की अर्थव्यवस्था और बाजार व्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों के साथ संवाद कर उनकी आशंकाओं का समाधान निकालना चाहिए, ताकि बाजार में विश्वास और स्थिरता बनी रहे।












